Tuesday , 19 June 2018
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‘लातों के भूत बातों से नहीं मानते’

नई दिल्ली। सीमा पार से संघर्ष विराम उल्लंघन की बढ़ती घटनाओं तथा जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादी हमले के बीच सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने मंगलवार को कहा कि भारत अपना आक्रामक रूख जारी रखेगा और सीमा पर किसी भी तरह की हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जायेगा।
जनरल रावत ने असम और अरूणाचल प्रदेश के स्कूली बच्चों से मुलाकात के कार्यक्रम से इतर संवाददताओं के साथ बातचीत में कहा कि सीमा पार से संघर्ष विराम उल्लंघन का करारा जवाब दिया जा रहा है और सेना अपने इस रूख को जारी रखेगी क्योंकि पड़ोसी देश को सीधी बात समझ में नहीं आती। उन्होंने कहा कि ‘लातों के भूत बातों से नहीं मानते।

Ó सेना प्रमुख ने कहा कि इस आक्रामक नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और दुश्मन को चोट पहुंच रही है।
सेना प्रमुख ने कहा कि कड़ी जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान के हौंसले पस्त हैं लेकिन वह हताशा में संघर्ष विराम उल्लंघन जैसी हरकतों को अंजाम दे रहा है। भारत इससे विचलित नहीं है क्योंकि वह अपनी ओर से पहल नहीं करता लेकिन सीमा पार से होने वाली हरकतों पर वह आक्रामक रवैया जारी रखते हुए इनका करारा जवाब देगा।
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में स्थिति अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण है और वहां विद्रोही गुटों की गतिविधियों पर लगाम लगी है। सेना की भूमिका और विकास कार्यों के साथ साथ उन्होंने लोगों की मानसिकता में बदलाव को भी इसका कारण बताया। उन्होंने कहा कि वहां अब लोगों की समझ में आ गया है कि विकास के लिए समाज की मुख्यधारा के साथ जुड़कर चलना होगा। उल्लेखनीय है कि सीमा पार से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष काफी इजाफा हुआ है नियंत्रण रेखा तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर इस वर्ष 700 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ है जबकि पिछली बार यह आंकड़ा लगभग 500 था।

केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के शिविर पर नये साल में हुए आतंकवादी हमले में बल के पांच जवान शहीद हुए हैं।लोकसभा में गूंजा सीआरपीएफ कैम्प पर हमले का मुद्दाकांग्रेस ने सरकार की नीति पर उठाए सवालनई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर पर हुए आतंकवादी हमले पर विपक्ष ने मंगलवार को संसद में सरकार को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री पर मौन साधने का आरोप लगाया और सरकार से पाकिस्तान सहित विदेशी नीति पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग एक सिर के बदले 10 सिर लाने की बातें करते थे, वे आज चुप क्यों है।

शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए सिंधिया ने कहा कि 2017 के अंतिम दिन जब पूरा देश जश्न मना रहा था तब पुलवामा में सीआरपीएफ के शिविर पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने हमला किया। इसमें हमारे पांच जवानों को जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा, हमारी सेना और जवान देश की सुरक्षा को तत्पर हैं, लेकिन चिंता इस बात की है कि सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। पहले भी पंपोर, पठानकोट समेत कई क्षेत्रों में आतंकी हमले हुए। इस बारे में समितियां भी बनीं, लेकिन इन पर कोई अमल नहीं हो रहा है। सिंधिया ने कहा कि पुलवामा हमले के बारे में खुफिया जानकारी पहले से थी। आतंकवादी जहां से घुसे वहां पर फ्लडलाइट नहीं थीं। (शेष पेज 8 पर)

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