Sunday , 27 May 2018
Breaking News
Home » India » भरना पड़ेगा 483 करोड़ का जुर्माना

भरना पड़ेगा 483 करोड़ का जुर्माना

96.62 करोड़ के पुराने नोट
संसद ने पिछले साल निर्दिष्ट बैंक नोट कानून पारित किया गया था। इसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने पास 500 और 1000 रूपये के 10 से अधिक पुराने नोट रखा हुआ पकड़ा जाता है तो उसे 10 हजार रूपये जुर्माना भरना पड़ेगा। हालांकि, रिसर्च, स्टडी और मुद्रा शास्त्र के उद्देश्य से 25 नोट रखने की छूट है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रूपये या फिर जब्त की गई राशि का पांच गुना (जो भी अधिक हो) वसूल किया जा सकता है।
नोटबंदी के बाद इस कानून को पारित करने का मकसद 500 और 1,000 रूपये के बंद किए जा चुके नोटों का इस्तेमाल करते हुए समानान्तर अर्थव्यवस्था चलाने की संभावनाओं को समाप्त करना है।

कानपुर। 96.62 करोड़ रूपये के पुराने नोट रखने के मामले में आरोपी कानपुर के व्यापारी आनंद खत्री को 483 करोड़ रूपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। खत्री के खिलाफ आईपीसी की धारा और बैंक नोट्स (देयताओं का समाप्ति) अधिनियम 2017 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस नियम के मुताबिक, पुरानी करेंसी रखने पर जेल जाने के साथ बरामद रकम पर पांच गुना आयकर देना होता है। जमा न करने की स्थिति पर इसकी रिकवरी उनकी चल-अचल संपत्ति से किए जाने का प्रावधान है।
इस बारे में सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट के पूर्व चेयरमैन विवेक खन्ना ने मीडिया को बताया कि पुरानी करेंसी रखने पर फाइन के रूप में पांच गुना आयकर देना होता है। इस तरह देखा जाए तो खत्री के पास पकड़ाए 96.62 करोड़ रूपये के बदले उन्हें 483.1 करोड़ रूपये चुकाने पड़ सकते हैं।प्रॉपर्टी की जा सकती है अटैच
फिलहाल कानपुर जोन के आईजी आलोक सिंह इस मामले को देख रहे हैं। उन्होंने कहा, हम इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अफसरों की भी मदद ले रहे हैं। क्योंकि यह मामला आईपीसी और एसबीएन एक्ट के तहत आता है। दोषियों पर कार्रवाई करने ले लिए सबूतों को मजबूत करना पड़ेगा। फाइन की रिकवरी के लिए प्रॉपर्टी अटैच करने पर भी विचार किया जा रहा है। जांच कर रहे एक इनकम टैक्स अधिकारी ने बताया कि हमने कई जगह छापे मारे थे। पूछताछ में आरोपी आनंद खत्री ने बताया कि उसके घर में मिले 96.62 करोड़ रूपये उसी के हैं, जबकि बाकी जगह मिली करेंसी किसी और की हैं, जिन्हें बदलवाने के लिए लाया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*