Tuesday , 21 November 2017
Breaking News
Home » India » ‘बच्चों की मौत के कारण अलग-अलग’

‘बच्चों की मौत के कारण अलग-अलग’

लखनऊ। गोरखपुर में पिछले पांच दिनों में हुई 60 मौतें और पिछले 36 घंटों में हॉस्पिटल में हुई 30 मौतों को लेकर मच रहे बवाल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ये घटना कल से मीडिया में छाई है। मीडिया बधाई का पात्र है। आप सब जानते हैं कि इंसेफिलाइटस के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत मैंने की थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने खुद अस्पताल का दौरा खुद किया था। सब परिवारों के प्रति मेरी संवेदना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मदद का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल को भेजा है। मैं मीडिया से तथ्यों को सभी परिप्रेक्ष्य में रखने की गुजारिश करता हूं। मेरी सरकार के दो मंत्री गोरखपुर के दौरे पर हैं। अधिकारी भी दौरे पर हैं। सिद्धार्थनाथ सिंह और आशुतोष टंडन भी गए हैं।
सीएम ने आगे कहा, क्या ऑक्सीजन की सप्लाई रूकने से मौत हुई हैं? सही आंकड़ा क्या है? हमने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। अगर ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई है तो आपूर्तिकर्ता के खिलाफ कार्रवाई होगी। सप्लायर की भूमिका की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है। सप्लायर को 8 वर्ष का ठेका पिछली सरकार ने दिया था। हम सभी तथ्यों को रख पाएं तो बेहतर होगा।
शनिवार को ही इस मामले पर यूपी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा था कि 9 जुलाई और 9 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हॉस्पिटल आए थे लेकिन उस वक्त ऑक्सीजन का मुद्दा किसी ने नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत का कारण सिर्फ ऑक्सीजन की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस वक्त ऑक्सीजन सप्लाई नहीं थी, उस वक्त ये मौतें नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और रिपोर्ट नहीं मिल जाती तब तक के लिए ऑक्सीजन कर दिया गया है।
इससे पहले गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के दफ्तर पर पिछले रात से छापेमारी हुई है। इस कंपनी के मालिक मनीष भंडारी के घर और उसके रिश्तेदारों के यहां भी छापेमारी हुई है। मनीष भंडारी लेकिन फरार बताया जा रहा है।ये मौतें और उनके कारण
योगी ने बताया, ऑक्सीजन सप्लाई अगर रूकी है, तो सप्लायर की भूमिका पर सवाल है? चीफ कमेटी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है। एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देगी। पिछली सरकार में 2014 में ये टेंडर सप्लायर को दिया गया है। उसकी भूमिका के बारे में भी जांच होगी। सरकार बनने के साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि इमरजेंसी सेवाओं, डेवलपमेंट प्रोग्राम्स में बाधा ना आए। कोई भी फाइल 3 दिन से ज्यादा किसी भी टेबल पर ना रूके। मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में दवा और जरूरी सेवाओं के लिए पैसे की कमी ना हो। ये सुनिश्चित किया जाए।
‘आप सही आंकड़े देंगे तो ये मानवता की बड़ी सेवा होगीÓ
योगी ने कहा, जिन बच्चों की मौत हुई है, उनके साथ हमारी संवेदनाएं हैं। बीआरडी में केवल गोरखपुर नहीं, पूरे पूर्वी उत्तरप्रदेश से बच्चे आते हैं। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। हमने मई में एक स्पेशल कैंपेन चलाया था। हमने प्रभावित 34 जिलों में वैक्सीनेशन की कार्रवाई पूरी की थी। अगर आप सही आंकड़े देंगे तो ये मानवता की बड़ी सेवा होगी।केंद्रीय मंत्री ने कहा- जो भी जरूरी सहयोग चाहिए, केंद्र देने के लिए तैयार
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा, आपसे मैं यही कहना चाहती हूं कि जो चर्चा हम टीवी मीडिया और अखबारों के जरिए देख रहे हैं। बच्चों की मौत से प्रधानमंत्री और सीएम सभी दुखी हैं। पीएम ने मुझे विशेष रूप से बीआरडी मेडिकल कॉलेज जाने के लिए कहा। सीएम ने एक आपात बैठक बुलाई। हमारे मंत्री मेडिकल कॉलेज से लौटकर आए थे। हमने तुरंत यूपी सरकार से संपर्क किया। केंद्र जो भी जरूरी सहयोग चाहिए, देने के लिए तैयार है। बहुत सारी बातें हम सही स्वरूप में नहीं समझ रहे हैं, उन्हें सीएम ने आपके सामने रखा। पिछले कई साल में बीआरडी में मौतों का क्या आंकड़ा है, ये हम बताएंगे। जो भी दोषी है, उसके ऊपर कठोरता के साथ कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल की गलती पाई गई, उन्हें सस्पेंड किया गया है। यूपी सरकार भी अपनी रिपोर्ट केंद्र को भेजेगी। मैं भी प्रधानमंत्री को अपनी रिपोर्ट भेजूंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*