Thursday , 21 June 2018
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प्र.म. ने नवी मुंबई एयरपोर्ट की आधारशिला रखी

‘अब वाटर-वे का जमाना, 2022 की सोचें’

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को आर्थिक नगरी मुंबई में कई परियोजनाओं का तोहफे लेकर पहुंचे। यहां 16 हजार करोड़ रू. की लागत से बनने वाले नवी मुंबई हवाई अड्डे का भूमिपूजन करने के बाद प्र.म. ने जनसभा को संबोधित किया और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इस दौरान उन्होंने लोगों को बेहतर भविष्य के सपने भी दिखाए। प्र.म. ने कहा कि हमारी सरकार ने ऐविएशन सेक्टर के लिए काम किया है और इसके परिणाम देखने को मिलेंगे। प्र.म. मोदी ने जल मार्ग और समुद्र शक्ति पर भी बात की। साथ ही मौजूद लोगों को 2022 के बाद के भारत की कल्पना का सपना दे गए।
समुद्र शक्ति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, छत्रपति शिवाजी महाराज ने सामुद्रिक शक्ति की पहचान की थी और इसलिए समुद्र से जुड़े किले बनवाए थे। प्र.म. ने कहा, अगर विश्व व्यापार में भारत को जगह बनानी है तो समुद्र में शक्ति बढ़ानी ही होगी। पोर्ट मजबूत होना और तेज गति के जहाज तैयार करना आज की जरूरत है। हम पोर्ट लीड डिवेलपमेंट पर बल दे रहे हैं। हमारे पास समुद्री मार्ग हैं और सरकार ने इसके लिए बीड़ा उठाया है। ‘वाटर-वे का प्रयोग पर्यावरण के लिए जरूरी’
पर्यावरण और जल परिवहन को जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, रेल या रोड की जगह अगर हम वाटर-वे का प्रयोग करें तो पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचाए बिना यातायात को बढ़ावा दे सकते हैं। प्र.म. ने कहा, नवी मुंबई में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का वादा करके कई विधायक, सांसद और सरकारें आई होंगी लेकिन एयरपोर्ट नहीं बना। 1997 में पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने इसका सपना देखा था और आज हम इसके लिए आगे आए हैं। सरकार का पक्ष रखते हुए प्र.म. ने कहा, यह प्रॉजेक्ट केवल कागज पर था और मैंने प्रगति प्रोग्राम की मॉनिटरिंग के दौरान इस पर बात की। पुरानी सरकारों का स्वभाव था, लटकाना, अटकाना और भटकाना। हमने इन प्रॉजेक्ट्स पर काम आगे बढ़ाया, पैसे दिए और काम शुरू करवाया। ‘हम ऐविएशन पॉलिसी लाए, आज लोगों को गति चाहिए’
उड्डयन क्षेत्र का जिक्र करते हुए प्र.म. ने विपक्ष और पिछली सरकारों पर हमला भी बोला। प्र.म. ने कहा, हम हवाई सेक्टर के ढांचे में काफी पीछे चल रहे हैं और यह हमारा फर्ज है कि हम इसे आगे बढ़ाएं। पूर्व प्रधानमंत्री ने बस इतना कहा कि 21वीं सदी आ रही है, लेकिन ऐविएशन सेक्टर के लिए बात नहीं की। अगर 20-25 साल पहले इसे लेकर काम किया गया होता तो आज इतनी दौड़भाग न करनी पड़ती। प्र.म. मोदी ने कहा, हमने ऐविएशन पॉलिसी बनाई है। हम उड़ान योजना लाए जिससे कल को हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके। आज लोगों को गति चाहिए। ‘एक साल में 900 जहाजों का ऑर्डर’
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, नॉर्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए हम सिर्फ ढाई हजार रूपये के टिकट वाली हवाई सुविधा दे रहे हैं। हमारे देश में करीब 450 जहाज ही उड़ रहे हैं। आजादी के बाद 70 साल में इतने ही जहाज उड़े और इस एक वर्ष में ही 900 नए जहाजों के ऑर्डर बुक किए गए हैं। यह बड़ी उपलब्धि है। इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ाने और रोजगार को बढ़ाने की भी अपार संभावनाएं हैं।
प्रधानमंत्री ने सुनहरे कल के सपने दिखाते हुए कहा, सोचकर देखिए कि 2022 के आसपास का वक्त कैसा होगा? अगर आप 2022-23 की कल्पना करें तो तब तक नवी मुंबई एयरपोर्ट से जहाज उड़ने लगेंगे। आपके वाहनों को ओवरब्रिज पर रफ्तार मिल रही होगी और छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य स्टैचू भी बनकर तैयार होगा।

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