Thursday , 23 November 2017
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पत्थरबाजों से निपटने अब एके-47 से निकलेंगी प्लास्टिक की गोलियां

मेरठ। केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के महानिदेशक राजीव राय भटनागर का कहना है कि कश्मीर में पत्थरबाजों और हिंसा फैलाने वाली भीड़ पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों को अब खास तरह की गोली मिलेगी। इस गोली को आर्डिनेंस फैक्ट्री से खास डिजाइन कराया गया है। यह गोली पैलेटगन की सब्टीट्यूट होगी। इसमें खास किस्म के प्लाटिक के छर्रे (दाने) होंगे। एके 47 से भी इनको चलाया जा सकेगा।
भटनागर शनिवार को मेरठ में सीआरपीएफ की 108वीं बटालियन के सिल्वर जुबली समारोह में शिरकत करने आए थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि अभी तक हिंसक भीड़ और पत्थरबाजों को काबू करने के लिए जिस गोली का इस्तेमाल किया जाता था, उसके छर्रे लेड के होते थे। मनुष्य के शरीर के कुछ अंगों को वह भारी नुकसान पहुंचाते थे। अब आर्डिनेंस फैक्ट्री से खास डिजाइन की गई प्लास्टिक की गोली का इस्लेमाल पत्थरबाजों को काबू करने के लिए जल्द अमल में लाया जाना हैं।
इन खास दानों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इनके लिए अलग से वैपन देने की जवानों को जरूरत नहीं होगी, बल्कि उनके पास जो वैपन होंगे उसमें ही इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। एके 47 में भी इन खास गोलियों को चलाया जा सकेगा। डीजी का कहा है कि कश्मीर में एक खेप इन खास गोलियों की भेज दी गई हैं। उनका इस्तेमाल भी शुरू किया जा रहा हैं। गोलियों की बाकी खेप भी कश्मीर जल्द भेजी जाएगी। सुरक्षा बलों को किसी भी तरह के वैपन की कमी नहीं आने दी जाएगी। हिंसा करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

तीन साल में विकसित हुई प्लास्टिक की गोली
सुरक्षाबलों ने तीन साल पहले इन गोलियों को विकसित करने का काम शुरू किया था। इस साल गोलियों का निर्माण पूरा हो गया है। जम्मू कश्मीर में पहली बार एके-47 में प्लास्टिक की गोलियों का इस्तेमाल होगा। इस गोली को देश के प्रतिष्ठित संस्थान डीआरडीओ की मदद से विकसित किया गया है और अब घाटी में पैलेट गन के अलावा यह प्लास्टिक की गोलियां भी इस्तेमाल की जायेंगी। इसकी सफलता को देखते हुए देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरीके से दंगा नियंत्रण का कार्य किया जाएगा।

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