Saturday , 26 May 2018
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नक्सलियों के गढ़ में घुसकर सबसे बड़ा एनकाउंटर

2 दिन में ढेर किए 37 नक्सली

गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सल आंदोलन को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए गढ़चिरौली पुलिस सबसे बड़ा ऑपरेशन चला रही है। रविवार को 16 नक्सलियों को मारने के बाद सोमवार शाम जिमलगट्टा-रामाराम खांदला जंगल क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में 6 नक्सलियों को मार गिराया, जबकि 15 नक्सलियों के शव सुरक्षा बलों को इन्द्रावती नदी में बहते हुए मिले।
इस तरह बीते दो दिनों में सुरक्षा बलों ने 37 नक्सलियों को मार गिराया। इस कार्रवाई के बाद जवानों ने जश्न भी मनाया है और सपना चौधरी के गानों पर डांस किया।
गौरतलब है कि रविवार सुबह भामरागड़ तहसील में महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से लगे कसनापुर-बोरिया जंगल क्षेत्र में इंद्रावती नदी तट पर विशेष अभियान दल (सी-60) के कमांडो व सीआरपीएफ की 9वीं बटालियन के जवानों ने मिलकर मुठभेड़ में 16 नक्सलियों को मार गिराया था।
इनमें दो डिविजनल कमांडर- साईनाथ और श्रीनू भी शामिल थे। दोनों पर राज्य सरकार ने 16-16 लाख रूपए का इनाम घोषित कर रखा था।
साईनाथ के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 75 तो वहीं श्रीनू के खिलाफ 82 मामले दर्ज किए गए थे। सोमवार को 16 में से 11 नक्सलियों के शवों की शिनाख्त हो पाई। अन्य नक्सलियों के शवों की शिनाख्त का काम भी जारी है।सी-60 फोर्स ने किए एनकाउंटर
इस मुठभेड़ में सी-60 फोर्स ने नक्सलियों को मार गिराया। सी-60 यानी क्रैक 60, जिसका गठन एटीएस चीफ के. पी. रघुवंशी ने 27 साल पहले किया था। रघुवंशी के मुताबिक, नक्सली आज किसी से सबसे ज्यादा डरते हैं तो इसी फोर्स से डरते हैं। मुठभेड़ वाली जगह से पुलिस को 12-बोर के लाइव कार्टि्रज मिले। नक्सली अक्सर इस पैमाने की बंदूकें इस्तेमाल करते हैं।मुठभेड़ साइट पर ऐसा दिखा मंजर पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ असली थी लेकिन इंदरावती नदी के किनारे का मंजर कुछ और ही बयां कर रहा था। नदी के किनारे पर उपयोग की गई साबुन, टूथपेस्ट, टूथब्रश जैसे कई और सामान पड़े हुए थे। देखकर साफ पता चल रहा था कि जिस वक्त पुलिस ने नक्सलियों को चारों तरफ से घेरा, उस वक्त वे नहा-धो रहे थे। बर्तन और खाने-पीने की चीजें भी इधर-उधर बिखरी पड़ी मिलीं। घट रहा नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र गौरतलब है कि महाराष्ट्र पुलिस कुछ दिनों से राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही थी। इस इलाके में ग्रामीणों और नक्सलियों के बीच अक्सर संघर्ष की खबरें आती हैं, इसलिए इलाके से नक्सलियों के सफाए के लिए पुलिस की तरफ से यह अभियान दो दिनों से चल रहा था। बताया जा रहा है कि देश में नक्सली गतिविधियों में कमी आई है और नक्सलियों का इलाका भी घटा है। देश के नक्सल प्रभावित 126 जिलों में से सरकार ने 44 जिलों को नक्सल मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। हालांकि, 8 नए जिले नक्सल प्रभावित इलाके में शामिल भी किए गए हैं। सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 35 से घटकर 30 रह गई है। बिहार और झारखंड के 5 जिले ज्यादा नक्सल प्रभावित टैग से मुक्त हो गए हैं।

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