Saturday , 25 November 2017
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जीएसटी पर सरकार ने दी राहत, टैक्स दरों में बड़ा बदलाव

  • 213 वस्तुएं सस्ती रेस्त्रां 5% स्लैब में
  • मात्र 48 वस्तु ही अब 28% कर के दायरे में

gst_councilगुवाहाटी। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुये 28 फीसदी के स्लैब में शामिल 180 वस्तुओं समेत कुल 213 उत्पादों पर जीएसटी की दर घटाने के साथ ही अब सभी रेस्त्रां में एक समान 5′ जीएसटी करने का निर्णय लिया है।
वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां हुई परिषद की 23वीं बैठक में ये निर्णय लिये गये। बैठक के बाद जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि लक्जरी उत्पादों के साथ सीमेंट और पेंट आदि सहित मात्र 48 वस्तु ही अब 28 फीसदी कर के दायरे में रह गये हैं। पहले 228 वस्तुयें इसमें शामिल थीं। उन्होंने बताया कि 178 उत्पादों पर कर की दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी और दो उत्पादों पर 28 फीसदी से घटाकर 12 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही 13 उत्पादों को 18 प्रतिशत के स्लैब से 12 प्रतिशत, छह उत्पादों को 18 प्रतिशत से 5 प्रतिशत और 8 उत्पादों को 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत के दायरे में लाया जायेगा। 6 उत्पादों पर जीएसटी को 5 प्रतिशत से हटाकर शून्य प्रतिशत के दायरे में रखने का निर्णय लिया गया है।
ये सारे बदलाव अधिसूचना जारी होने के बाद 15 नवंबर से लागू होने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने कहा कि इसके साथ ही सभी प्रकार के स्टार श्रेणी के होटलों में बने रेस्त्रांओं को छोड़कर अन्य सभी रेस्त्रां में लगने वाली जीएसटी की दर को 18 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। लेकिन, अब इन रेस्त्रांओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि 7,500 रूपये से अधिक के दैनिक कमरे किराये वाले स्टार श्रेणी के होटलों के रेस्त्रां में 18 फीसदी ही कर लगेगा, लेकिन इस पर होटलों को इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा।
जेटली ने कहा कि परिषद की पिछली तीन बैठकों में जीएसटी को तर्कसंगत बनाने पर जोर दिया गया है। इसी क्रम में पहले की कुछ वस्तुओं पर जीएसटी दर में कमी की गयी थी और आज परिषद ने कुल मिलाकर 213 वस्तुओं पर कर की दर में कमी लाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में सभी वस्तुओं पर जीएसटी से पूर्व लग रहे करों के आधार पर जीएसटी दर तय की गयी थी। कुछ ऐसी वस्तुयें भी है जिनको 28 फीसदी के दायरे में नहीं रखा जाना चाहिए था लेकिन पहले उस पर अधिक कर लगाये जाने की वजह से ऐसा हो गया था। छोटे स्तर पर बनाये जाने वाले भी कुछ उत्पादों पर 28 फीसदी जीएसटी लग रहा था लेकिन पहले उत्पाद शुल्क में छूट मिलने की वजह उन पर प्रभावी कर दर कम हो जाया करती थी।
उन्होंने कहा कि रेस्त्रां ग्राहकों से 18 फीसदी जीएसटी वसूल रहे हैं, लेकिन उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इसी के मद्देनजर सभी प्रकार के एसी तथा नॉन एसी रेस्त्रां में जीएसटी को कम कर 5 प्रतिशत कर दिया गया है और अब उनको इनपुट क्रेडिट नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि आउटडोर कैटरिंग पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा, लेकिन इस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा।कारोबारियों को भी राहत
कारोबारियों को भी राहत प्रदान की गई है। उन्हें फॉर्म 3बी भरने में राहत देते हुए अब इसे 31 मार्च तक भरा जा सकता है। वहीं डेढ़ करोड़ से कम टर्नओवर वाले कारोबारियों को 15 फरवरी तक का समय दिया गया है। डेढ़ करोड़ टर्न ओवर होने पर हर माह रिटर्न फाइल करना होगा। देरी से रिटर्न भरने पर जुर्माना की राशि भी कम कर दी गई है। जीएसटीआर-1 अब तीन महीने में एक बार भरना होगा। जीएसटीआर-2 की समीक्षा के लिए कमिटी का गठन किया गया है। जीएसटीआर-4 भरने की समयसीमा 24 दिसंबर रखी गई। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि देरी से जीएसटी दाखिल करने पर शून्य देनदारी वाले करदाताओं पर जुर्माना 200 रूपये से घटाकर 20 रूपये प्रतिदिन कर दिया गया है।
जेटली ने भी माना, ज्यादा थीं टैक्स दरें
जेटली ने पिछले दिनों कहा था कि कुछ वस्तुओं पर 28 प्रतिशत कर की दर नहीं होनी चाहिए और पिछले तीन-चार बैठकों में जीएसटी परिषद ने 100 वस्तुओं पर जीएसटी की दर में कमी की है। इसके तहत कर की दर को 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत और 18 प्रतिशत से 12 प्रतिशत की दर पर लाया गया है। जेटली ने कहा था, हम धीरे-धीरे कर की दर को नीचे ला रहे हैं। इसके पीछे विचार यह है कि जैसे आपका राजस्व संग्रह तटस्थ होता है हमें इसमें कमी (उच्च कर दायरे में आने वाली वस्तुओं की संख्या) लानी चाहिए और परिषद अब तक इसी रूप से काम कर रही है।

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