Monday , 21 May 2018
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भारत-चीन में भरोसा बढ़ा

‘दोनों देशों की ताकत मिलकर करेगी पूरी दुनिया का भला’

वुहान (चीन)। चीन की दो दिवसीय यात्रा पर वुहान पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ लंच और प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद कहा कि अनौपचारिक शिखर वार्ता से दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ा है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि दोनों देशों की ताकत मिलकर पूरी दुनिया का भला करेगी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल भारत में जिनपिंग को ऐसी ही अनौपचारिक बातचीत के लिए आमंत्रित कर उन्हें खुशी होगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि शुक्रवार सुबह जिनपिंग ने हुबेई के म्यूजियम में मोदी का भव्य स्वागत किया। इस दौरान दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के मुद्दे पर विचार साझा किए। म्यूजियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होने से पहले दोनों नेताओं ने हाथ मिलाते हुए तस्वीरें खिचवाई। इसके बाद ईस्ट लेक के नजदीक गेस्ट हाउस में मोदी और जिनपिंग के अलावा दोनों पक्षों के छह-छह अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत की। इस दौरान रणनीतिक और भविष्य में बेहतर संबंधों को लेकर हुई प्रगति की समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति चिनफिंग से कहा, भारत के लोग इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि मैं पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसे आप राजधानी से बाहर आकर लेने आए हैं। डेलिगेशन स्तर की बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मुझे खुशी होगी अगर 2019 में ऐसी ही बैठक का आयोजन भारत की धरती पर हमें करने का अवसर मिले। मोदी ने कहा कि हमारे ऊपर दुनिया की 40 प्रतिशत जनसंख्या के लिए काम करने की जिम्मेदारी है, इसका मतलब है दुनिया को बहुत सारी मुश्किलों से आजाद कराना। इसके लिए साथ काम करना एक बड़ा अवसर है।
प्रधामंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति से कहा कि पिछले 2000 साल में 1600 साल तक चीन और भारत ने ग्लोबल इकॉनमिक ग्रोथ के लिए इंजन का काम किया है। इस दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा, वैश्विक विकास और शांति के लिए दोनों देशों को ज्यादा सहयोग करने की जरूरत है। मुझे ऐसा लगता है कि हम ऐसी अनौपचारिक बैठकें आगे भी जारी रख सकते हैं।

गुजरात के सीएम रहते हुबेई पहुंचे थे मोदी
एक-दूसरे से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जिनपिंग को हुबेई के अपने पिछले दौरे के अनुभवों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वह थ्री जॉर्ज बांध का अध्ययन करने के लिए हुबेई पहुंचे थे। उन्होंने कहा, जिस तेजी से आपने इस बांध को बनाया, उसने मुझे काफी प्रभावित किया। इसलिए मैंने पूरी जानकारी जुटाने के लिए एक दिन बांध पर बिताया। यांगजी नदी पर बनाई गई दुनिया के सबसे बड़ी पनबिजली परियोजना में पानी को कई तरह से नियंत्रित करने की प्रणाली है। यह बांध 2309 मीटर लंबा और 185 मीटर ऊंचा है। इसमें 32 पनबिजली टर्बो जेनरेटर हैं।

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