Thursday , 18 January 2018
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एमआरपी लिखें या जेल को तैयार रहें ई-कंपनियां

मुंबई। ऑनलाइन लेन-देन के बढ़ते कारोबार को देखते हुए सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए अडवाइजरी जारी की है। ऑनलाइन कस्टमर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार ने 1 जनवरी, 2018 से सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को वस्तुओं पर एमआरपी के साथ-साथ एक्सपायरी डेट और कस्टम केयर डिटेल्स भी लिखनी होंगी। 1 जनवरी से अगर ई-कॉमर्स कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करती हैं तो उन पर वित्तीय पेनल्टी के अलावा जेल भी भेजा जा सकता है। कंपनियों को यह जानकारियां बड़े फॉन्ट में लिखनी होंगी जिससे यह आसानी से पढ़ी जा सकें।
दि लीगल मेट्रॉलजी (पैकैज्ड कमोडिटीज) (संशोधन) नियम, 2017 के तहत पैकिंग से पहले वस्तुओं को रेग्युलेट किया जाएगा, जिसमें एमआरपी, एक्सपायरी डेट, बनाने वाले की जानकारियों के साथ प्रॉडक्ट की जानकारी देनी होगी। ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ बढ़ रही शिकायतों को देखते हुए उन्हें भी नए नियमों के तहत लाया गया है।
ऐक्ट के मुताबिक, ई-कॉमर्स कंपनियां जो प्री-पैकेज्ड प्रॉडक्ट्स पर जानकारियां नहीं लिखेंगी उन पर पहली बार में 25 हजार रूपये, दूसरी बार में 50 हजार रूपये और तीसरी बार में 1 लाख रूपये का जुर्माना लगेगा और उसके बाद एक साल तक की जेल भी हो सकती है। बाकी जानकारियों के अलावा ईकॉमर्स कंपनियों पर सेलर्स को मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट, नेट कॉन्टिटी, देश और कस्टमर केयर डिटेल्स देनी होंगी।
पिछले हफ्ते कैबिनेट ने नए कन्ज्यूमर प्रॉटेक्शन बिल को मंजूरी दी है जो उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने के लिए जुर्माना और जेल का प्रावधान है। प्र.म. मोदी ने हाल ही में कहा है कि उपभोक्ता के अधिकारों की रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।

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