Thursday , 26 April 2018
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अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी टीडीपी

फिर संकट में राजग!

अमरावती/नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने से नाराज चल रही चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को ‘दूसरा झटका’ दे सकती है। यह झटका पहले झटके से और जोरदार होगा। सूत्रों के मुताबिक, मोदी कैबिनेट से अपने दो मंत्रियों को वापस बुलाने के बाद टीडीपी एनडीए से अलग हो सकती है।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को टीडीपी की धुर विरोधी वाईएस कांग्रेस संसद में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, तेलुगू देशम पार्टी इस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर सकती है। आगे की रणनीति तय करने के लिए टीडीपी ने शुक्रवार को सदन की कार्यवाही से पहले पोलितब्यूरो की मीटिंग भी बुलाई है।
सूत्रों के मुताबिक, तेलुगू देशम पार्टी का मानना है कि आंध्र प्रदेश के हितों के लिए उसकी मांगों को समर्थन मिलना चाहिए। लेकिन, मौजूदा वक्त में ऐसा होता दिख नहीं रहा। इसके पहले अमरावती में पोलितब्यूरो की मीटिंग के बाद टीडीपी सुप्रीमो एन. चंद्रबाबू नायडू ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला लिया।
दरअसल, मोदी सरकार से अपने मंत्रियों को वापस बुलाने के बाद नायडू के धुर विरोधी और वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने उन्हें एनडीए से समर्थन वापस लेने की चुनौती दी थी। रेड्डी ने कहा था कि चंद्रबाबू ऐसा कभी नहीं कर सकते क्योंकि वो डरते हैं।
अब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने संसद में शुक्रवार को एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला लिया है। टीडीपी इसका समर्थन कर सकती है। वाईएसआर कांग्रेस अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने इस बारे में सभी विपक्षी दलों को चिट्ठी लिखकर अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने की गुजारिश की है।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद विजय सई रेड्डी ने बताया, लोकसभा सदस्य वाईवी सुब्बा रेड्डी शुक्रवार को सदन में अविश्वास प्रस्ताव रखेंगे। हमारी पार्टी अविश्वास प्रस्ताव को पास कराने के लिए विपक्ष के दूसरे दलों से सहयोगी की अपील करती है।
हालांकि, लोकसभा में भाजपा पूर्ण बहुमत में है। ऐसे में टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने या गठबंधन से अलग होने से केंद्र सरकार को फिलहाल कोई खतरा नहीं है।विपक्ष से सहयोग की अपील
जगन मोहन रेड्डी की पार्टी इसके लिए अन्य विपक्षी दलों से समर्थन भी जुटा रही है। पार्टी के सांसद जगन की ओर से लिखे गए एक पत्र को संसद के भीतर विपक्षी सांसदों के बीच बांट रहे हैं और उनसे इस प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं। सदन में इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। सांसदों का समर्थन हासिल करने के लिए लिखे गए जगन मोहन के पत्र में कहा गया है कि इस प्रस्ताव के बाद भी केंद्र सरकार आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने को तैयार नहीं होती है तो पार्टी के सभी सांसद 6 अप्रैल को अपना इस्तीफा दे देंगे। वाईएसआर कांग्रेस के पास लोकसभा में 9 सांसद जबकि राज्यसभा में एक सांसद है।
लोकसभा में शुक्रवार को यह प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों ने कांग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, टीएमसी नेता सौगत राय, बीजेडी नेता भृतहरी महताब, टीडीपी नेता थोटा नरसिम्हा, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, एनसीपी नेता तारिक अनवर, आप नेता भगवंत मान समेत कई नेताओं से अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन देने की अपील की है।

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