Thursday , 18 January 2018
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सरकार ने घटाया अनुमान 6.5′ रहेगी जीडीपी

नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्थआ के लिए बुरी खबर है। देश की जीडीपी ग्रोथ साल 2017-2018 के बीच 6.5′ रहने का अनुमान है। साल 2016-17 के लिए जीडीपी की ग्रोथ रेट 7.1′ थी। सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (सीएसओ) के द्वारा जारी आंकड़ों से यह बात सामने आई है। नोटबंदी और जीएसटी के बाद अर्थव्यवस्थआ की खराब हालत का आरोप झेल रही सरकार के लिए यह आंकड़े किसी झटके से कम नहीं है। नए आंकड़ों से अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी होने की अटकलों को बल मिला है।
सीएसओ द्वारा जारी इस आंकड़े से सरकार के लिए अच्छी खबर भी आई। सीएसओ की इस रिपोर्ट में साल 2017-18 के दौरान प्रति व्यक्ति आय में 5.3 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। नए आंकड़े में साल 2017-18 के लिए जीवीए यानी ग्रॉस वैल्यू ऐडेड का अनुमान भी घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया गया है। पहले आरबीआई ने साल 2017-18 के लिए जीवीए के 6.7 होने का अनुमान लगाया था। जीडीपी में से नेट टैक्स को घटाकर जीवीए निकाला जाता है।
ताजा आंकड़े देश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं दे रहे हैं। नए आंकड़े सरकार के लिए इसलिए भी चिंताजनक हैं क्योंकि सरकार अभी साल 2018-19 के लिए बजट बनाने में लगी हुई है। इस बीच आए यह आंकड़े सरकार को इस साल के बजट में नई रणनीति अपनाने को मजबूर कर सकते हैं। बता दें कि लगभग 2 महीने पहले सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनस में भारत की रैकिंग में सुधार को लेकर जमकर वाहवाही बटोरी थी, लेकिन ताजा आंकड़े सरकार के लिए परेशानी के सबब बन सकते हैं। गौरतलब है कि हाल ही में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने संसद में माना था कि साल 2016-17 के दौरान अर्थव्यवस्था की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई।
गौरतलब है कि वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। हालांकि इससे पहले एजेंसी ने यह दर 6.9 फीसदी रहने का अनुमान दिया था। एजेंसी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार अपेक्षा से कमजोर है इसलिए उसने अपने वृद्धि दर अनुमान में कटौती की थी। एजेंसी ने कहा था कि अगले वर्ष 2018-19 में भी भारत की वृद्धि दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान है जबकि अपने सितंबर वैश्विक आर्थिक परिदृश्य (जीईओ) में उसने यह अनुमान 7.4 फीसदी रखा था। इसके साथ ही एजेंसी को उम्मीद है कि ढांचागत सुधार एजेंडे तथा खर्च योग्य आय में बढ़ोतरी के बीच जीडीपी वृद्धि दर आने वाले दो साल में मजबूत होगी।

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