Friday , 24 March 2017
Top Headlines:
Home » India » जांबाज चेतन चीता हुए फिट, लगी थीं 9 गोलियां

जांबाज चेतन चीता हुए फिट, लगी थीं 9 गोलियां

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में 9 गोली लगने के बाद घायल सीआरपीएफ अधिकारी चेतन चीता अब आईसीयू से बाहर आ चुके हैं। उन्हें एम्स ट्रॉमा सेंटर के वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। करीब एक महीने बाद चेतन चीता को होश आया है। चीता का इलाज करने वाले डॉक्टर अमित गुप्ता ने बताया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है। चीता की हालत स्थिर है। वह खुद से सांस ले रहे हैं, इसलिए उन्हें आईसीयू से बाहर लाया गया है। अब वह वॉर्ड में ऐडमिट हैं। चीता अब सुन भी रहे हैं और उसका जवाब दे रहे हैं। खाना अभी थोड़ा ले रहे हैं, बाकी ट्यूब से दिया जा रहा है। हालांकि, रविवार को उन्हें फिर से बुखार आया था।
डॉक्टर अमित ने बताया कि 14 फरवरी को चेतन चीता को ऐडमिट किया गया था। उनकी स्थिति बहुत ही नाजुक थी। डॉक्टर के अनुसार, चीता को 9 गोलियां लगी थीं। उनकी दाईं आंख से होती हुई एक गोली ब्रेन को डैमेज करती हुई निकल गई थी। यह उनके लिए बड़ा खतरा बन गई थी। गोली की वजह से डैमेज ब्रेन को कंट्रोल कर लिया गया है और अब वह होश में हैं। आंख में गोली लगने की वजह से विजन पर भी असर हुआ है।
42 साल के चेतन चीता बांदीपुरा मुठभेड़ के दौरान घायल हो गए थे। उनका शुरुआती इलाज बेस हॉस्पिटल में हुआ और उसके बाद एयर एंबुलेंस से एम्स ट्रॉमा सेंटर शिफ्ट कर दिया गया था। 14 फरवरी से लेकर अब तक चीता एम्स ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में थे, लेकिन 3 दिन पहले उन्हें वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। डॉक्टर के अनुसार उन्हें एक गोली पीठ में लगी थी, जो उनके पेट से होते हुए बाहर निकल गई थी। इसकी वजह से आंत बुरी तरह डैमेज हो गई थी। इलाज के दौरान स्टूल पास करने के लिए पैसेज बनाया गया था, अब यह सही से काम कर रहा है।
बता दें कि 14 फरवरी को बांदीपुरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में चीता घायल हो गए थे। इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खबर के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च अभियान चलाया था लेकिन इस अभियान की जानकारी आतंकियों को पहले ही मिल गई थी। इसके कारण उन्होंने अपना ठिकाना बदल लिया था। चीता इस अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। जब चीता आतंकियों के नए ठिकाने के पास पहुंचे तभी उन पर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। चीता पर 30 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसमें 9 गोली उन्हें लगीं। घायल होने के बावजूद चीता ने आतंकियों पर फायरिंग जारी रखी और लश्कर के खूंखार आतंकी अबू हारिस को ढेर कर दिया। घायल चीता को देखने आर्मी चीफ बिपिन रावत भी एम्स गए थे। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने भी एम्स जाकर चीता का हालचाल जाना था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*