Monday , 27 March 2017
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आपस में उलझे महासंघ और घटक के पदाधिकारी, जमकर गालीगलौच

officers_quarrellउदयपुर। शहर में बुधवार को राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ की विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित किए गए धरने प्रदर्शन में कलेक्ट्री के बाहर प्रदेश नेतृत्व की उपस्थिति में हो रही सभा में महासंघ के जिलाध्यक्ष और घटक संगठन के मना करने पर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि महासंघ के पदाधिकारियों और घटक संगठनों के बीच में जमकर गाली-गलौच हो गई। मामला बढ़ता हुआ देखकर मौके पर भारी जाब्ता तैनात किया गया। काफी देर तक आपस में बहस और गाली-गलौच करने के बाद पदाधिकारियों ने समझाया तब जाकर मामला शांत हुआ। इस दौरान एक बार कर्मचारियों के आपस में उलझने की आशंका पर पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया था और तत्काल जाब्ता भागकर आया था।
जानकारी के अनुसार राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ की ओर से बुधवार को कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने की मांग को लेकर कलेक्ट्री के बाहर ही संभाग स्तरीय एक विशाल धरने का आयोजन किया गया था। इस धरने का प्रभारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलप्रकाश बाबेल को बनाया गया था। इधर महासंघ के ही जिलाध्यक्ष अरविंदसिंह राव ने उदयपुर के कार्यकर्ताओं और महासंघ से जुडे विभिन्न घटल संगठनों के साथ मिलकर शहर में एक विशाल रैली निकालने और बाद में कलेक्ट्री पर प्रदेश नेतृत्व की ओर से आयोजित किए गए सभा में शामिल होने का निर्णय लिया था। जिलाध्यक्ष अरविंदसिंह राव के नेतृत्व में टॉउन हॉल में जिले में महासंघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्रित हुए और टॉउन हॉल में ही एक सभा का आयोजन कर रैली निकाली गई। यह रैली शहर के टॉउन हॉल, बापूबाजार, देहलीगेट होते हुए कलेक्ट्री पर पहुंची। जहां पर पहले से ही प्रदेश नेतृत्व की ओर से आयोजित संभाग स्तरीय सभा चल रही थी।
जब उदयपुर के महासंघ की रैली कलेक्ट्री के बाहर पहुंची तो पहले से सभा चल रही थी। इस सभा को प्रदेश महामंत्री अनूप सक्सेना सम्बोधित कर रहे थे। प्रदेश पदाधिकारियों ने जिले की रैली को सभा के पीछे ही बैठने के लिए कहा तो जिले के पदाधिकारियों के साथ-साथ घटक संगठनों के नेताओं ने साफ तौर से बैठने से इंकार कर दिया। इसी को लेकर विवाद शुरू कर दिया। प्रदेश के नेताओं ने बैठने का दबाव बनाया तो प्रदेश महामंत्री के सामने ही मामला बिगड़ गया और जिले के पदाधिकारी व घटक संगठन के पदाधिकारी कलेक्ट्री के मुख्य द्वार के सामने जाकर खड़े हो गए। इसी को लेकर प्रदेश के नेताओं और जिले के पदाधिकारियों में विवाद हो गया। एक ही महासंघ के प्रदेश स्तर के नेताओं और जिला स्तर के नेताओं व घटक संगठनों के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। इस दौरान एक-दूसरे को गाली-गलौच भी की गई। एक ही संगठन के पदाधिकारियों में आपस में हो रही गाली-गलौच और तू-तू मैं-मैं सुनकर वहां पर मौजूद पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। यह देखकर वहां पर मौजूद पुलिस में हड़कंप मच गया और पुलिस अधिकारी भाग कर गए। पुलिसकर्मी दोनों के बीच में दीवार बनकर खड़े हो गए। मामला बढ़ता हुआ देखकर मौके पर महासंघ के प्रदेश स्तर के पदाधिकारी गए और समझाईश की। समझाईश के बाद सभी एक हुए और बाद में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन दिया। इसके बाद मामला निपटा।
शक्ति प्रदर्शन को लेकर था विवाद
जानकारों के अनुसार उदयपुर संभाग में महासंघ ने हाल में ही कार्यकारिणी घोषित की है। इसी कारण वहां पर अभी तक महासंघ की टीम पूरी तरह से तैयार नही हो पाई है। उदयपुर शहर में लम्बे समय से चल रही है। इसी कारण अच्छी भीड़ आ गई थी। नेताओं के बीच में उदयपुर और संभाग की भीड़ को लेकर शक्ति प्रदर्शन था। इसी कारण यह विवाद हुआ।
इनका कहना है :-
प्रदेश ने प्रदर्शन और धरने के लिए मुझे प्रभारी बनाया था। इसी बीच जबरन रैली निकाली गई और संभाग के कार्यकर्ताओं के बीच बैठने से मना करने पर ही मामूली विवाद हुआ था। जिसे निपटा लिया गया।
कमल प्रकाश बाबेल, प्रदेश उपाध्यक्ष
रैली का कार्यक्रम पहले से ही तय था। कार्यकर्ता बैठना नहीं चाहते थे और जबरन दबाव बनाया जा रहा था। इसी कारण विवाद हुआ। जिसे समझाईश से निपटा लिया गया।
अरविंदसिंह राव, जिलाध्यक्ष

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