Thursday , 23 February 2017
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आखिरी भाषण में भावुक हुए ओबामा

obama_farewellशिकागो। अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर बराक ओबामा ने शिकागो में अपना आखिरी भाषण दिया। शिकागो में अपने भाषण के दौरान ओबामा ने बीते आठ सालों की उपलब्धियां गिनाईं। ओबामा ने बिना नाम लिए अमेरिका के अगले राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नीतियों पर भी निशाना साधा और लोगों से सहिष्णु बनने के साथ ही नस्लवाद को बढ़ावा न देने की अपील की। मिशेल ओबामा और अपनी बेटियों का शुक्रिया अदा करते वक्त ओबामा की आंखों से आंसू छलक पड़े।
…और फिर रो पड़े ओबामा
अपने आखिरी भाषण में ओबामा ने पत्नी मिशेल और बेटियों का जिक्र किया तो वह रो पड़े। ओबामा ने कहा, बीते 25 सालों से तुम सिर्फ मेरी बीवी और मेरे बच्चों की मां नहीं बल्कि मेरी बेस्ट फ्रेंड बनी। तुमने मुझे गर्व महसूस कराया तुमने देश को गर्व महसूस कराया। मालिया और साशा का जिक्र करते हुए ओबामा ने कहा, मैंने जिंदगी में जो भी किया लेकिन सबसे ज्यादा गर्व तुम दोनों के पिता होने का है।
भाषण की शुरूआत में ओबामा ने खुद को एक बेहतर राष्ट्रपति बनाने के लिए अमेरिकी नागरिकों को शुक्रिया कहा। ओबामा ने कहा कि उन्होंने अगले राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से वादा किया है कि उनका प्रशासन शांतिपूर्वक तरीके से सत्ता सौंपेगा।
ओबामा ने बिना नाम लिए ट्रंप पर भी निशाना साधा। ओबामा बोले, हमें शिक्षा, स्वास्थ्य वगैरह से भेदभाव खत्म करना होगा। यही हमारा संविधान है। नस्लीय भेदभाव समाज के लिए हमेशा विभाजनकारी साबित होता है। ओबामा ने लोगों से सहिष्णु होने का आग्रह किया और कहा, हम ऐसे ही एक-दूसरे पर वार करते रहेंगे अगर हम यह समझ नहीं पाएंगे कि हमारा विपक्षी भी सही बोल सकता है। बता दें कि डॉनल्ड ट्रंप अपने चुनाव अभियान से लेकर अब तक प्रवासियों और खासतौर पर मुस्लिमों को निशाने पर लेते रहे हैं। ओबामा ने कहा, हमें अमेरिका में रह रहे प्रवासियों के बच्चों पर निवेश करना होगा क्योंकि ये अश्वेत बच्चे आने वाले दिनों में हमारी वर्कफोर्स का हिस्सा बनेंगे।
‘अमेरिका की ताकत है उसका लोकतंत्रÓ
ओबामा ने लोकतंत्र को ही अमेरिका की ताकत बताया। उन्होंने कहा, आज चीन और रूस जैसे देश क्यों दुनिया में अमेरिका की जगह नहीं ले पाते? क्योंकि हमारा लोकतंत्र ही हमारी ताकत है। ऑरलैंडो और बोस्टन में हुए हमले हमें यह बताते हैं कि धार्मिक कट्टरता कितनी खतरनाक हो सकती है। लोगों के दिल बदलने चाहिए सिर्फ कानून काफी नहीं है।
ओबामा ने कहा, लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत एकजुटता है, ताकि हम सभी एक साथ ऊपर उठें या नीचे जाएं। दुनिया भर के लोग दस दिनों में अमेरिकी लोकतंत्र का नमूना देखेंगे जब एक राष्ट्रपति दूसरे को शांतिपूर्वक तरीके से सत्ता सौंपेगा। (शेष पेज 8 पर)

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