Thursday , 21 November 2019
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26 तक सीबीआई हिरासत में

वकील हर दिन उनसे 30 मिनट मिल सकेंगे
आईएनएक्स मीडिया मामला
चिदंबरम को बड़ा झटकानई दिल्ली (एजेंसी)। विशेष अदालत ने गुरूवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को 26 अगस्त तक सीबीआई की रिमांड पर भेजने का फैसला सुनाया। सीबीआई के वकील सॉलिसीटर जनरल जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि चिदंबरम ने जांच में सहयोग नहीं किया। पूछताछ के लिए उन्हें 5 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा जाए। इसका विरोध करते हुए चिदंबरम के वकील ने कहा कि सीबीआई के हिसाब से जवाब न देने को असहयोग नहीं कहा जाएगा। कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि जब सीबीआई के पास सवाल तक तैयार नहीं हैं तो फिर रिमांड क्यों चाहिए?
जस्टिस अजय कुमार कुहार ने कहा- तथ्यों और हालात के मद्देनजर चिदंबरम को कस्टडी में भेजा जाना न्यायपूर्ण है। रिमांड के दौरान चिदंबरम के वकील और परिजनों को रोजाना 30 मिनट मिलने का समय दिया जाएगा। चिदंबरम को बुधवार रात 10.25 बजे सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था। रातभर वे सीबीआई के गेस्ट हाउस में ग्राउंड फ्लोर पर सुइट नंबर-5 में रहे।सीबीआई की दलीलें
तुषार मेहता ने कहा, चुप रहने का अधिकार संवैधानिक है। हमें इससे कोई परेशानी नहीं है। लेकिन, चिदंबरम ने जांच में सहयोग नहीं किया। वह सवालों के जवाब से बचते रहे। मेहता ने कहा, यह मनी लॉन्ड्रिंग का एक क्लासिक मामला है। हम अभी प्री चार्जशीट स्टेज पर हैं। उनके पास जो जानकारियां हैं, उन्हें देने में उन्होंने सहयोग नहीं किया।
उन्होंने कहा कि सीबीआई के आवेदन पर पूर्व वित्त मंत्री के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था और इसी आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
सीबीआई ने कहा, हम जबर्दस्ती इकबालिया बयान नहीं ले रहे, लेकिन मामले की जड़ तक जाएंगे।
तुषार मेहता ने कहा, आईएनएक्स मीडिया घोटाले की साजिश में चिदंबरम दूसरों के साथ शामिल थे। उनको कस्टडी में लेकर पूछताछ किया जाना जरूरी है ताकि बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके। उन्होंने कहा, आईएनएक्स मीडिया से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर चिदंबरम से पूछताछ की जाएगी। जांच सही ढंग से हो सके, इसके लिए कुछ निश्चित सवालों के जवाब जानना जरूरी है। बड़े अपराध को अंजाम दिया गया है।चिदंबरम की तरफ से दलीलें
कपिल सिब्बल ने कहा, इस मामले में आरोपी कार्ति चिदंबरम हैं। जिन्हें मार्च 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने रेगुलर बेल दी थी। दूसरे आरोपियों को भी जमानत दी गई। सिब्बल ने दलील दी, चार्ज शीट का ड्राफ्ट तैयार हो गया है, जांच पूरी हो गई है। फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी 6 सचिवों द्वारा दी जाती है। किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया। यह कागजी दस्तावेजों का मामला है। चिदंबरम कभी भी जांच से नहीं भागे।
उन्होंने कहा, पिछली रात सीबीआई ने कहा कि वो चिदंबरम से पूछताछ करना चाहती है। आज दोपहर 12 बजे तक यह पूछताछ शुरू नहीं हुई थी। सीबीआई ने केवल 12 सवाल पूछे। अब तक उन्हें यह मालूम होना चाहिए था कि क्या सवाल पूछने हैं। इन सवालों का चिदंबरम से कोई लेना-देना नहीं।
सिब्बल ने कहा, यह एक ऐसा मामला है, जिसका सबूतों से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि इसका किसी और चीज से ही ताल्लुक है। अगर कोई जज फैसला देने में सात महीने में लगा दे तो क्या आप इसे चिदंबरम को मिला संरक्षण कहेंगे? हम इससे असंतुष्ट हैं।
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, सीबीआई का पूरा केस इंद्राणी मुखर्जी के बयान और एक केस डायरी पर आधारित है। सिंघवी ने कहा, अगर जांच एजेंसी मुझे 5 बार फोन करती और मैं नहीं जाता, तब इसे जांच में असहयोग किया जाता। जो जवाब वो सुनना चाहते हैं, उसे नहीं देना असहयोग नहीं है। उन्होंने केवल एक बार चिदंबरम को फोन किया और वे गए। यहां जांच में असहयोग कहा हैं? उन्होंने कहा, कस्टडी में पूछताछ का हम विरोध करते हैं। सीबीआई ने सबूतों से छेड़छाड़ का कोई आरोप नहीं लगाया। चिदंबरम के भागने का खतरा नहीं है। गोलमोल जवाबों के आधार पर सीबीआई रिमांड कैसे मांग सकती है। यह कानून नहीं है।कोर्ट ने चिदंबरम को अपनी बात रखने का मौका दिया
सुनवाई के दौरान चिदंबरम ने अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन तुषार मेहता ने इसका यह कहकर विरोध कर दिया कि उनकी ओर से पैरवी करने के लिए दो वरिष्ठ वकील कोर्ट में मौजूद हैं। हालांकि, पूर्व वित्त मंत्री को अपनी बात कहने का मौका दिया गया। चिदंबरम ने कहा, आप सवालों और जवाबों को देख लीजिए। कोई भी ऐसा सवाल नहीं है, जिसका मैंने जवाब न दिया हो। उन्होंने पूछा कि क्या मेरे विदेश में खाते हैं, मैंने कहा नहीं। उन्होंने पूछा कि मेरे बेटे का विदेश में खाता है, तो मैंने कहा हां। सीबीआई को हत्या की आरोपी इंद्राणी पर भरोसा, चिदंबरम पर नहीं : कांग्रेस
सीबीआई और ईडी की कार्रवाई पर पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सरकार ने इन एजेंसियों को बदले की कार्रवाई करने वाले विभाग में बदल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई ने इस मामले में इंद्राणी मुखर्जी के बयानों पर भरोसा कर लिया, जिस पर अपनी ही बेटी की हत्या के आरोप हैं, लेकिन चिदंबरम पर नहीं।कार्ति ने कहा- मैं इंद्राणी मुखर्जी से कभी नहीं मिला
चिदंबरम की पेशी से पहले उनकी पत्नी नलिनी और बेटे कार्ति चिदंबरम भी विशेष अदालत पहुंचे। कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उनके पिता के खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आईएनएक्स मीडिया के प्रमोटर्स पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी से उनकी कभी मुलाकात नहीं हुई। यह केवल मेरे पिता के खिलाफ नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कार्रवाई है। मैं इसके खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करूंगा।

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