शराब की दुकानें, राशन वितरण, प्रवासियों को लाने के उठे सवाल

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विधायकों ने वीडियो कांफ्रेसिंग में मुख्यमंत्री से खुलकर की बात
मुख्यमंत्री का एक ही जवाब : प्रभारी सचिव को नोट करवा दो, हो जाएगा समाधान
उदयपुर (नगर संवाददाता)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को विधायकों से विडियो कांफ्रेङ्क्षसग की। इस दौरान उदयपुर के विधायकों ने जमकर सवाल पूछे। इस दौरान ग्रामीण विधायक ने शराब की दुकानों पर सोशल डिस्टेसिंग का सवाल पूछा तो अन्य विधायकों ने राशन वितरण में अनिमितताओं और प्रवासियों को लाने की योजनाओं के बारे में पूछा।

विधायक किरण माहेश्वरी ने पृथक वास केन्द्रों पर सुविधाएं नहीं होने का मामला उठाया तो धर्मनारायण जोशी ने पेयजल की समस्याओं के बारे में सवाल पूछे, हालांकि मुख्यमंत्री अशेाक गहलोत के पास यही जवाब था कि सरकार पूरी योजना के साथ काम कर रही है और यदि प्रवासियों के आने को लेकर समस्या है तो प्रभारी सचिव और जिला कलेक्टर को नोट करवाया जा सकता है।
सांसद अर्जुनलाल मीणा, विधायक किरण माहेश्वरी, धर्मनारायण जोशी, फूलसिंह मीणा, प्रतापलाल गमेती, अमृतलाल मीणा, बाबूलाल खराड़ी मौजूद थे। हालांकि पूरे प्रदेश के सभी विधायकों से मुख्यमंंत्री ने विडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से चर्चा की थी ऐसे में उदयपुर जिले के विधायकों को ज्यादा समय नहीं मिला और मात्र 5 से 6 मिनट में ही अपने सारे सवाल उठाने का समय दिया गया। इस दौरान सभी ने प्रवासियों को आने को लेकर चिंता व्यक्त की और अन्य राज्यों में रह रहे प्रवासियों को लाने की योजना को लेकर जमकर सवाल पूछें।

विधायकों ने राशन वितरण पर भी सवाल उठाएं और कहा कि राशन वितरण में अनमितताएं हो रही है और गांवों में जिन लोगोंं को स्कूलों या भवनों में क्यूरेनटाईन किया गया है वहां पर व्यवस्थाएं सही नहीं है और लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंंत्री अशोक गहलोत ने यही जवाब दिया कि राज्य सरकार पूरी व्यवस्थाओं के साथ कोरोना से लड़ रही है और किसी तरह की कोई समस्या नहीं आने दी जा रही है।

पृथक केन्द्रों पर नहंी है सारी व्यवस्थाएं – किरण
राजसमंद विधायक किरण माहेश्वरी ने कहा कि राजस्थान के पृथकवास केन्द्रों पर कुछ भी व्यवस्थाऐं नहीं है। इन केन्द्रों मेें केन्द्र सरकार के दिशा निर्देशों की पूर्ण अवहेलना की जा रही है। पृथकवास केन्द्रों में खाने-पीने का कोई प्रबंध नहीं है। वहाँ पर पेयजल, शौचालय, बिजली-पंखों की भारी समस्या है। राज्य सरकार ने पूर्व मेें कहा था कि पृथकवास मेें प्रत्येक व्यक्ति पर 2460 रूपए का बजट दिया जा रहा है किन्तु वास्तव मेें वहां पर सरकार की तरफ से कुछ भी नहीं किया जा रहा है। किरण माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री से किसानों को समर्थन मूल्यों पर गेहूँ की फसल बेचने मे आ रही समस्याओंं के समाधान का आग्रह किया। कम चमक का बताकर 80 प्रतिशत उपज को अस्वीकार किया जा रहा है। उनकी कुल उपज का भी मात्र 25 प्रतिशत गेहूँ ही खरीदा जा रहा है। किरण माहेश्वरी ने ग्रामीण क्षेत्रों मे पेयजल समस्या को लेकर कहा कि कई हेण्डपम्प खराब पड़े है, गांवों में प्रतिवर्ष, की भांति टेंकर नहीं चलाए जा रहे है।

सरकार बार-बार बदल रही है आदेश – जोशी
मावली विधायक धर्मनारायण जोशी ने प्रवासी राजस्थानियों व श्रमिकों की वापसी के विषय पर मुख्यमंत्री से कहा कि सरकार के आदेश व निर्देश बार-बार बदलने से जनता त्रस्त है। मावली विधानसभा के छ: हजार लोग बाहर है। जोशी ने कहा कि पानी बिजली के बिल स्थगित किये है, लॉक डाउन अवधि के बिल माफ किये जाये। उन्होनें लॉक डाऊन में राज् सरकार द्वारा पेट्रोल व डीजल पर तीन बार वेट बढाने को भी अनुचित बताया । विधायक जोशी ने कहा कि ये किसानों की उपज बिक्री का समय हैए ऐसे समय में सरकार द्वारा मंडी शुल्क लागू करने से मंडियां बंद पडी है, इसका समाधान भी जल्दी हो।

प्रवासियों को लाने की क्या योजना है – प्रतापलाल
इस मौके पर गोगुन्दा विधायक प्रतापलाल भील ने कहा कि समीास गांव के सैंकड़ों लोग बाहर फंसे है और वे लोग आ नहीं पा रहे है। ऐसे में इन लोगों की उनके परिजन काफी चिंता कर रहे है। इसके साथ ही राशन वितरण का मामला भी उठाया और पेयजल को लेकर आ रही समस्याओं को भी उठाया।

शराब की दुकानों पर नहीं है डिस्टेंंस – फूलसिंह
इस मौके पर फूलसिंह ने अपनी विधानसभा क्षेत्र में राशन का वितरण नहीं होने और ऑन लाईन नहीं चढ़े ग्रामीणों को अभी तक राशन नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही यह भी बताया कि अभी 10-10 किलो गेहूँ भी नही मिल पाया है और जब रसद अधिकारी से पूछा जा रहा है तो वह कोई वाजब नहीं दे पा रहे है। इसके साथ ही मीणा ने खुली शराब की दुकानों का सवाल उठाते हुए कहा कि इन दुकानों पर सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान नहीं रखा जा रहा है और यदि एक भी पॉजिटिव आ गया तो स्थिति को कैसे
संभाला जाएगा।

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