एक ही दिन में 7 नए केस

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कांजी का हाटा से जोगीवाड़ा तक पहुंचा संक्रमण
चिकित्सा विभाग भी हैरान, आखिर फैला कैसे ?
एक किमी क्षेत्र में कफ्र्यू, लेकिन प्रभावित 3 किमी का एरिया
जोगीवाड़ा निवासी मीडियाकर्मी की पत्नी की रिपोर्ट भी पॉजीटिव

उदयपुर. नगर संवाददाता & उदयपुर में पिछले 24 घंटों में जिस तरह से सात कोरोना के मामले सामने आए है उन्हें देखकर चिकित्सा विभाग भी हैरान है कि आखिरकार इन लोगों में कोरोना संक्रमण की शुरूआत हुई कैसे। कोरोना संक्रमित सभी की कोई ऐसी कांटेक्ट हिस्ट्री नहीं है जिसमें ये लोग किसी कोरोना संक्रमित के सम्पर्क में आए हों और हैरत की बात तो यह है कि शाम को जोगीवाड़ा कें एक मीडियाकर्मी की पत्नी जो कोरोना पॉजिटिव पाई है वहां तक कोरोना का संक्रमण फैला कैसे। क्योंकि कानजी का हाटा और जोगीवाड़ा क्षेत्र मे काफी दूरी है और ये लोग आपस में सम्पर्क में भी नहीं है। 24 घंटों में कोरोना पॉजिटिवों की संख्या 7 हो गई है। जिसमें से पांच तो एक ही परिवार के है। छठा पॉजिटिव इसी परिवार का पड़ोसी है। सातवी पॉजिटिव जोगीवाड़ा निवासी एक मीडियाकर्मी की पत्नी है। 24 घटे में सात कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से ही पुलिस और प्रशासनिक महकमें में हड़कंप मच गया है और तत्काल इन क्षेत्रों में कफ्र्यू की घोषणा कर दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी के क्लोज कांटेक्ट की तलाश करते हुए इन सभी के सैम्पलिंग करनी शुरू कर दी है।
पिछले 24 घंटों में जिस तरह से कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए है वे वाकई में हैरान कर देने वाले है। एक ही परिवार के पांच लोग और एक पड़ोसी और एक मीडिया कर्मी पत्नी जो पॉजिटिव आए है उनकी कांटेक्ट हिस्ट्री ऐसी है कि वे कभी भी पूर्व में किसी कोरोना संक्रमितों से नहीं मिले और ना ही किसी के सम्पर्क में आए थे। विशेष कर जोगीवाड़ा वाली महिला जिसका कि कानजी का हाटा क्षेत्र से किसी तरह का कोई संबंध नहंी है। चिकित्सा विभाग के लिए यह एक नई पहेली बन गई है कि इतनी एहतियात के बाद भी आखिरकार कोरोना संक्रमण फैल कैसे रहा है। कानजी हाटा क्षेत्र में बुधवार शाम को होमगार्ड का जवान कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से ही इसके परिजनों को एमबी चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया था और सभी के सैम्पल लिए जिनकी रिपोर्ट गुरूवार शाम को आई। इस रिपोर्ट के अनुसार होमगार्ड का पिता जो नगर निगम में जमादार है वह पॉजिटिव पाया गया, होमगार्ड की मां और पत्नी जो नगर निगम में सफाई कर्मचारी, इसका बुआ का लड़का, सामने रहने वाला पड़ोसी और जोगीवाड़ा की रहने वाली एक मीडिया कर्मी की पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। 24 घंटों में 7 कोरोना पॉजिटिव केस आने के बाद से ही पुलिस और प्रशासनिक महकमें में हड़कंप मच गया। रात्रि को ही भारी मात्रा में पुलिस जाब्ता कानजी का हाटा क्षेत्र में पहुँच गया और वहां पर कफ्र्यू लगा दिया।
इसके साथ ही कानजी का हाटा क्षेत्र से तीन किलोमीटर के क्षेत्र में कफ्र्यू की घोषणा करते हुए पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया और किसी के भी आने पर पाबंदी लगा दी। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर इस क्षेत्र में बेरिकेट्स लगाकर गलियों को बंद कर दिया गया। रात भर पुलिसकर्मी बेरिकेट्स लगाकर गलियों को बंद करते रहे। सुबह से ही क्षेत्र में जो भी बाहर निकल रहा था उन सभी को पुन: घर में भेजा गया और बाहर निकलने पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी गई। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस क्षेत्र में भारी जाब्ते के साथ गश्त की और जो प्रभावित क्षेत्र है वहां पर विशेष रूप से जाब्ता लगाया गया। इधर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने कानजी का हाटा क्षेत्र के निवासियों के सैम्पलिंग के लिए सूरजपोल डिस्पेंसरी बुलाया गया, जिस पर दोपहर को कानजी का हाटा क्षेत्र में रहने वाले सभी निवासी सूरजपोल डिस्पेंसरी गए और वहां पर अपना सैम्पल लिया, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
गलियां पूरी तरह से सील, पैदल भी
नहीं जा पा रहे
पुलिस ने रात को कानजी का हाटा क्षेत्र के तीन किलोमीटर क्षेत्र का पूरा एरिया सील कर दिया और सख्ती से बेरिकेट्स लगा दिए। स्थिति यह हो गई कि लोग पैदल भी नहीं निकल पा रहे है। दोपहर को गश्त के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी क्षेत्रवासियों को अपने-अपने घरों में ही कैद रहने के निर्देश दे दिए है और किसी को भी बाहर निकलने पर कार्यवाही की चेतावनी दी है।
जोगीवाड़ा भी सील
जोगीवाड़ा में एक मीडियाकर्मी की पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव आने पर देर रात्रि को पुलिस ने जोगीवाड़ा क्षेत्र को भी पूरी तरह से सील कर दिया है। जोगीवाड़ा में भारी जाब्ता पहुँच गया और इस क्षेत्र में जगह-जगह बेरिकेट्स लगाकर सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दिया। रात्रि को ही इस मीडिया कर्मी की पत्नी के क्लोज कांटेक्ट को एमबी चिकित्सालय के कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती करवा दिया है।
40 मीडियाकर्मियों ने करवाया टेस्ट
कानजी का हाटा क्षेत्र में एक कैमरामैन का परिवार कोरोना संक्रमित पाए जाने पर गुरूवार को इस कैमरामेन के क्लोज कांटेक्ट में आने वाले 40 मीडियाकर्मियों के पुन: सैम्पल लिए गए और जांच के लिए भेजे गए है। हालांकि कैमरामेन की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी चिकित्सकों ने एहतियात के तौर पर सैम्पलिंग की है।
नगर निगम में सफाई कर्मचारियों
की आज होंगे सैम्पलिंग
कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति के जमादार होने, इसकी पत्नी व बहू नगर निगम में सफाई कर्मचारी होने के कारण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इन तीनों के क्लोज कांटेक्ट में आने वालों की लिस्ट निगम से मांगी थी। बताया जा रहा है कि जमादार की ड्यूटी हिरणमगरी में है इसी तरह दोनों महिलाओं की ड्यूटी उदियापोल और सूरजपोल क्षेत्र में लगा रखी है। इस पर निगम के अधिकारियों ने इन तीनों के क्लोज कांटेक्ट में आने वाले 74 सफाई कर्मचारियो की लिस्ट बनाई है और स्वास्थ्य विभाग को भेजी, जिनकी सैम्पलिंग शुक्रवार को की जाएगी।
यूआईटी और राशन वितरण करने गया वहां के भी लिए सैम्पल
कोरोना संक्रमित होमगार्ड कांस्टेबल यूआईटी में कार्यरत है और हाल में ही वह डोर टू डोर राशन वितरण करने के लिए भी गया था। सीएमएचओं डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि होमगार्ड जवान के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर यूआईटी के साथ-साथ जहां-जहां पर कांस्टेबल राशन वितरण में गया था, वहां के भी सैम्पल लिए गए है। यूआईटी के कुछ सैम्पल शेष है जिन्हें शुक्रवार को लिया जाएगा।
स्थानीय न्यूज चैनल में कार्यरत है मीडिया कर्मी
इधर जिस मीडियाकर्मी की पत्नी कोरोना संक्रमित पाई गई है उसका पति क्षेत्र में ही एक स्थानीय न्यूज चैनल में कार्यरत है और जोगीवाड़ा में ही किराए से रहते है। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना संक्रमित महिला के पति को एमबी चिकित्सालय में भर्ती कर दिया है। इसकी रिपोर्ट आने पर ही आगे की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग निर्णय लेगा कि किन-किन के सैम्पल लेने है।
कानजी का हाटा : पड़ोसी परिवार के 18 लोग डेडिकेटेड क्यूरेनटाइन में
इधर कानजी का हाटा क्षेत्र में कोरोना संक्रमित पाए गए परिवार के घर के सामने रहने वाले पड़ोसी भी कोरोना संक्रमित पाए जाने पर इस परिवार के 18 लोगों को डेडिकेटेड क्यूरेनटाईन में भेजा गया है। ये सभी एक ही बिल्डिंग में रहते है और एहतियात के तौर पर जांच के लिए भेजा गया है।
सीएमएचओ की अपील, समाज सेवी तत्काल जांच करवाए : इधर सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने अपील कि जो भी समाज सेवी शहर में काम कर रहे है उन्हें हल्का बुखार होने पर भी तत्काल अपनी जांच करवाए और लोगों से मिलना-जुलना छोड़कर 14 दिन के लिए स्वयं ही होम क्यूरेनटाईन हो जाए। सब्जी वालें भी विशेष ध्यान रखें और कोरोना संक्रमण को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें।
प्रभावित क्षेत्र के लिए प्रशासन ने की व्यवस्था
शहर के घंटाघर व सूरजपोल पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत कांजी का हाटा में कोरोना वायरस से संक्रमित मरिजों के मिलने के बाद जिला कलक्टर आनंदी के आदेशानुसार जारी निषेधाज्ञा प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था की गई है। जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि प्रशासन द्वारा कफ्र्यू प्रभावित क्षेत्र में आवंटित आवश्यक सुविधाएं दूध, सब्जी, किराणा वस्तुएं इत्यादि उपलब्ध करवाने के लिए दल गठित कर दिए गए है। प्रभावित क्षेत्रों में रावजी का हाटा, कांजी का हाटा, नाइयों की तलाई, हेलावाड़ी, बाबेलों की गली, मोहली चौहट्टा, पिपलेश्वर महादेव, विश्वकर्मा मंदिर व श्रीनाथ मंदिर मार्ग शामिल किए गए है तथा गठित दल द्वारा दूध, सब्जी व किराणा सहित आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री फूड किट वितरण के एक दल अलग से गठित किया गया है।

सभी की कांटेक्ट हिस्ट्री
होमगार्ड : यूआईटी में कार्यरत और डोर टू डोर राशन वितरण में कार्यरत था।
जमादार : हिरणमगरी क्षेत्र में जमादार था और कई सफाई कर्मचारियों के सम्पर्क में था।
महिला सफाईकर्मी : उदियापोल क्षेत्र में कार्यरत और कई अन्य से सम्पर्क में।
महिला सफाईकर्मी : सूरजपोल क्षेत्र में कार्यरत और कई अन्य से सम्पर्क में।
बुआ का लड़का : उज्जैन का रहने वाला और जनवरी माह में आया था।
पड़ोसी : संयुक्त परिवार, 18 से अधिक परिजनों के सम्पर्क में।
जोगीवाड़ा निवासी महिला : मीडियाकर्मी की पत्नी, बच्चों और पड़ोसियों के सम्पर्क में।लापरवाही : स्क्रीनिंग के लिए डिस्पेंसरी पर इकट्ठा हुई भीड़
हेलावाड़ी, कानजी के हाटा में होमगार्ड के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद अगले दिन गुरूवार को कफ्र्यूग्रस्त इलाके में लोगों को स्क्रीनिंग के लिए क्षेत्र की डिस्पेंसरी में बुलाया गया। जिस पर एक साथ दर्जनों की संख्या में लोग अपनी जांच करवाने के लिए पहुँच गए। ऐसे में कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा गया। लोग लंबी लाइन में एक-दूसरे से सटे खड़े रहे, लेकिन न ता पुलिस ने ध्यान दिया, न मेडिकल और प्रशासन की टीम ने। प्रशासन की बेरुखी, मरीजों के भी नहीं बनाए पास
जिला प्रशासन की बेरूखी बढ़ती जा रही है व संवेदनशीलता कम होती जा रही है। मेडिकल इमरजेंसी वालों के भी पास नहीं बन रहे हैं। बेरूखी इस हद तक है कि एक पास के लिए मरीजों के परिजन पूरे दिन मरीज को अस्पताल में अकेला छोड़ कलक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे हैं, मगर अफसरों का दिल नहीं पसीज रहा। ऐसा ही एक वाकया गुरुवार को हुआ। मरीज के परिजन ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि वे गंभीर बीमार परिजन को लेकर इमरजेंसी पास पर उदयपुर आए थे। गुुरुवार को अस्पताल ने मरीज को छुट्टी दे दी। वापसी का समय आया तो चला कि जाने का पास बनाना होगा, लिहाजा वे सुबह ही कलक्ट्रेट गए जहां अधिकारी ने फार्म भरने व शाम तक पास बन जाने का आश्वासन दिया। इधर, मरीज को तो अस्पताल ने छुट्टी मिल गई मगर प्रशासन की हठधर्मिता से पास नहीं बनाया गया। शाम यह कहते हुए भगा दिया गया कि कोई पास नहीं बनेगा। इस पर परिजन बहुत मायूस हो गए व आंखों में आंसू बह निकले। तभी मीडियाकर्मी ने उन्हें एम्बुलेंस से मरीज को भेजने की सलाह दी। इस पर परिजनों ने एम्बुलेंस करके मरीज को भेज दिया। उनका कहना था कि प्रशासन सुबह ही कह देता तो अस्पताल से रिक्वेस्ट करके मरीज की छुट्टी एक दिन टाल देते मगर अधिकारियों ने जान बूझकर मामले को शाम तक अटकाए रखा। परिजनों ने अपने शहर का नाम लेते हुए कहा कि इतनी बेरूखी हमारे शहर में नहीं है, उदयपुर स्मार्ट सिटी है और यहां के अधिकारी कुछ ज्यादा ही स्मार्ट लगते हैं।

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