अहमदाबाद से दो साथियों के साथ बाईक पर आया पार्षद पुत्र

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सूचना मिलते ही चिकित्सा विभाग ने किया पूरे परिवार को क्यूरेनटाईन
रतनपुर बॉर्डर पर ही सील लगवा भेजा तीनों को
उदयपुर।
नगर निगम के वार्ड 30 के पार्षद का पुत्र अपने दो अन्य साथियों के साथ अहमदाबाद से उदयपुर बाईक पर सवार होकर आ गया। हालाकि पार्षद ने पूर्व में ही स्वास्थ्य विभाग को इस बारे में बता दिया था, लेकिन पड़ोसियों ने भी यह देखकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को बता दिया। जिस पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर पर पहुँची और पूरे परिवार को क्यूरेनटाईन किया।
जानकारी के अनुसार वार्ड 30 का पार्षद रमेश जैन का पुत्र पारस जैन अहमदाबद में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसके साथ दो युवक देवराज पुत्र महेन्द्रसिंह चौहान निवासी मावली और मुकेश पुत्र रोशनलाल सुहालका निवासी राशमी चित्तौडग़ढ़ भी रहते थे। लॉक डॉउन के बाद से ही तीनों अहमदाबाद में ही एक फ्लैट में बंद थे। राशन समाप्त होन पर एक रिश्तेदार को फोन लगाया तो रिश्तेदार ने तीनों को बाईक लेकर हिम्मतनगर में आने के लिए कहा। इस पर तीनों बाईक पर सवार होकर हिम्मतनगर के लिए रवाना हुए, लेकिन हाईवे पूरी से साफ होने के कारण तीनों हिम्मनगर ना जाकर रतनपुर बॉर्डर पर पहुँच गए और पारस ने अपने पार्षद पिता को फोन किया। पार्षद पिता ने तत्काल निगम महापौर टांक की सहायता से अधिकारियों को बताया और अधिकारियों ने रतनपुर बॉर्डर पर ही पास बनवाकर तीनों के हाथ में छाप लगाकर रवाना किया और तीनों बाईक पर सवार होकर उदयपुर आ गए। उदयपुर में पारस अपने घर पर पहुँच गया। इधर पार्षद राजेश जैन ने भी इस बारे में महापौर के माध्यम से सीएमएचओं को बताया। सीएमएचओं ने तत्काल टीम भेजने का आश्वासन दिया। इधर पड़ोसियों ने यह देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर थाने से जाब्ता भी आ गया। मेडिकल टीम ने अहमदाबाद से लौटै पारस जैन की स्क्रीनिंग की और इसके साथ ही माता-पिता की भी स्क्रीनिंग की। तीनों को 14 दिन के लिए घर में ही क्यूरेनटाईन रहने के लिए निर्देश दिया और घर के बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया। शाम को फिर से मेडिकल टीम इस घर पर पहुँची और जानकारी प्राप्त की। शाम को पुलिस टीम भी पहुँच गई। इधर जानकारों का कहना है कि पार्षद ने अपने पुत्र के आने की जानकारी छिपाई थी, लेकिन राजेश जैन का कहना है कि उसने यह जानकारी पहले ही प्रशासन और सीएमएचओ दे दी थी। इसके साथ ही मावली और चित्तौड़ में भी प्रशासन को इस बारे में बता दिया गया।
सूरत गई 50 उत्तराखण्ड और हरियाणा की बसें: गुरूवार दिनभर सूरत के लिए उत्तराखण्ड और हरियाणा की बसें जाती रही। ये सभी बसें सूरत में आ रहे उत्तरप्रदेश के प्रवासियों को लाने के लिए गई है। जहां पर एक साथ 100 बसों के होने पर एक साथ सभी को लाया जाएगा, जो राजस्थान होते हुए अपने-अपने प्रदेशों में जाएंगे।

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