भूखे होने की झूठी शिकायत, घर में मिला 15 दिन का राशन

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एकलव्य कॉलोनी में घर में घी से भरे डिब्बे तक पड़े है और किसी के पास तो तीन माह का आटा है

उदयपुर. नगर संवाददाता & कोरोना महामारी को संक्रमण से बचाव के लिए घोषित लॉकडाउन में जिला प्रशासन की ओर से दी जा रही सूखी राशन सामग्री के लिए ऐसे-ऐसे लोग भी अपने आप को भूखा बता रहे है, जिनके घरों में 15 दिन से 3 माह का राशन पड़ा हुआ है। ऐसे में कई लोगों के घरों से मौके पर गई टीम को घी से भरे डिब्बे मिले है। ये लोग लोगों के बहकावे में और होड़ा-होड़ी में आकर घर पर राशन खत्म करने की शिकायत कर रहे है।

जिला प्रशासन द्वारा जरूरतमंदों को तत्काल खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किए गए नियंत्रण कक्ष के फोन पर कई बस्तियों से खुद के भूखे होने की बात कहते हुए राशन उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। एकलव्य कॉलोनी से लगातार इसी तरह की शिकायत आने के बाद मंगलवार को जिला प्रशासन के निर्देश पर एक टीम इन घरों में औचक निरीक्षण के लिए पहुँची। उदयपुर शहर पटवारी सुरपाल सिंह सोलंकी, सवीना पटवारी युवराज सिंह झाला, नगर विकास प्रन्यास से सैयद शहादत अली पुलिस जाब्ते के साथ लेकर सज्जनगढ़ रोड़ स्थित ओड़ बस्ती पिपली चौक एवं मस्तान बाबा दरगाह के आसपास के करीबन एक दर्जन से अधिक लोगों के घरों में जाकर आवश्यक खाद्य सामग्री की जांच की।

इस जांच में लगभग सभी घरों में 5 से 15 दिन तक की खाद्य सामग्री मिली। किसी के पास तो 3 माह का आटा रखा हुआ मिला। एक के घर से घी का डिब्बा भी मिला, जो लगातार राशन के लिए फोन कर रहा था। दल सदस्यों ने बताया कि यह खाद्य सामग्री उन्हीं लोगों के वहां से मिली जिनके द्वारा बार-बार कंट्रोल रूम में फोन करके कहा जा रहा था कि हम 2-3 दिन से भूखे हैं, हमारे पास कोई राशन नहीं है। टीम द्वारा राशन पर्याप्त मात्रा में मिलने पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, साथ ही संबंधित लोगों को पाबंद भी किया कि यदि इस तरह से फिर से राशन मांगा गया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
भामाशाह प्रशासन के साथ मिलकर करें राशन वितरण – कलेक्टर
जानकारी के अनुसार ये वे लोग है, जिनके घर में राशन सामग्री भी भरी पड़ी है और अब तक कई बार जिला प्रशासन के साथ-साथ दानदाताओं से राशन सामग्री भी ले चुके है। इसके साथ ही प्रतिदिन जो स्वयं सेवी संस्थाएं गरम खाना पहुँचा रही है, उसका लाभ ये ही लोग उठा रहे है। ऐसे में जो जरूरतमंद है वह लाभ नहीं ले पा रहा है। जिला कलक्टर आनंदी ने भामाशाहों से भी आह्वान किया है कि वे अपने स्तर पर खाद्य सामग्री का वितरण नहीं करें क्योंकि इसका दुरूपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा है कि भामाशाह प्रशासन को साथ लेकर ही जरूरतमंदों को राशन का वितरण करें ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक उनके द्वारा की जा रही सहायता और खाद्य सामग्री पहुंच सके।

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