प्राचार्य, अधीक्षक, तीन नर्सिंग अधीक्षकों के सम्पर्क में आई थी नर्स

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सभी के लिए सैम्पल 97 लोगों के क्लोज कांटेक्ट में थी महिला नर्स : जिसकी नेगेटिव रिपोर्ट वे सभी घर पर अलग कमरे में और चिकित्सालय में भी अलग ही रहेेंगे
किशोर इंदौर से ट्रेन से आया था उदयपुर, साथ बैठे 72 लोगों की तलाश शुरू

नगर संवाददाता & उदयपुर
कोरोना वायरस की पॉजिटिव एक महिला जो एमबी चिकित्सालय में स्वाईन फ्लू वार्ड में इंचार्ज के पद कार्यरत है। इस नर्स के लिए क्लोज कांटेक्ट में 97 लोग थे, जिसमें से 11 चिकित्सक भी है, जो एमबी चिकित्सालय में कार्यरत थे। इसमें आनएनटी प्रिंसिपल, दो वाईस प्रिंसिपल, अधीक्षक और तीन नर्सिंग अधीक्षक भी शामिल थे, जिनके भी सैम्पल लिए गए, जो नेगेटिव आए है। इसके साथ ही 15 लोग जो स्वाईन फ्लू वार्ड मेंं भर्ती थे, जो विभिन्न गांवों के थे उनके भी सैम्पल मंगवाए गए है। इसके साथ ही जिस ट्रेन से किशोर इंदौर से चित्तौड़ आया था, उस डिब्बे में अलग-अलग जिलों के 72 यात्री बैठे थे, जिनके लिए भी संबंधित अधिकारियो को बताया गया है।
जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस से एक किशोर पॉजिटिव मिलने के बाद उसी के परिवार के तीन ओर लोग पीडि़त पाए गए है। जिनमेें से एक महिला उमम्मा रानी जो एमबी चिकित्सालय में नर्स है और स्वाईन फ्लू वार्ड की प्रभारी है। चिकित्सा विभाग ने इस नर्स की हिस्ट्री निकाली तो इस नर्स के कुल 97 लोग क्लोज कांटेक्ट में थे, जिनमें 11 चिकित्सक मिले है। जिसतें आरएनटी के प्राचार्य, दो वाईस प्रिंसिपल, अधीक्षक, रेजीडेंट चिकित्सक और 3 नर्सिंग अधीक्षक भी है। जैसे ही इस महिला में कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो तत्काल इन अधिकारियों के भी सैम्पल लिए गए और जांच के लिए भेजे गए, जो नेगेटिव आया है। इसके साथ ही इस महिला नर्स के सम्पर्क में 37 नर्सिंग स्टॉफ, 3 ऑफिस के स्टॉफ, वार्ड ब्वाय 9, स्वीपर 7, स्वाईन फ्लू वार्ड में भर्ती 15 मरीज और इन मरीजों के 15 अटेण्ड सम्पर्क में थे। जिनके भी सैम्पल मंगवाए गए है। स्वाईन फ्लू वार्ड में 15 में से पांच मरीज बाहर के थे, जिसमें से दों बांसवाड़ा के, एक डूंगरपुर का, एक प्रतापगढ़ का और एक भीलवाड़ा था, जिसके बारे में संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है।
इधर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा इंदौर से आए इस किशोर के बारे में पता किया तो सामने आया कि इंदौर से चित्तौड़ जिस ट्रेन में आया था उस ट्रेन के जिस डिब्बे में यह किशोर और इसके दो अन्य साथी बैठे थे, उसमें 72 यात्री थे। जिसमेें 1 किशोर स्वयं, दो उसके दोस्त, जयपुर के 34 यात्री, चित्तौड़ के 9, भीलवाड़ा के 4, अजमेर के 17, मध्यप्रदेश के 5 यात्री थे। इन सभी यात्रियों की लिस्ट निकलवाकर संबंधित जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों के पास भेजी गई और उचित कार्यवाही के लिए कहा गया है। इधर स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस किशोर के एक अन्य साथी को भी ट्रेस किया है, जिसका सैम्पल लेकर आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।घर और कार्यालय में आईसोलेट रहेंगे ये अधिकारीशेष दोनों की ये है हिस्ट्री
इसी परिवार का एक अन्य पॉजिटिव व्यक्ति अलख नयन मंदिर में नेत्र सहायक है। यह 20 मार्च से ही चिकित्सालय नहीं जा रहा है। यह केवल एमबी चिकित्सालय में अपनी पत्नी को छोडऩे और लेने जाने का काम करता है। इसी तरह इसी परिवार की 16 वर्षीय लड़की जो पॉजिटिव है वह 16 मार्च से अपने घर में बंद है। आरएनटी के प्राचार्य, दो वाईस प्रिंसिपल, अधीक्षक, रेजीडेंट चिकित्सक और 3 नर्सिंग अधीक्षक जो इस नर्स के क्लोज कांटेक्ट में थे ये भी अधिकारी अपने घरों में अलग से रहेंगे और कार्यालय में भी आने पर अलग से रहेेंगे। किसी के भी सम्पर्क में नहीं आएंगे। चिकित्सा अधिकारियों ने गंभीरता को समझते हुए अपने आप को आईसोलेट कर दिया है। ओगणा थाने के जाब्ते ने ली राहत की सांसइस परिवार का एक व्यक्ति मोहम्मद फरीद शेख जो होमगार्ड में कार्यरत है और 26 मार्च से ओगणा थाने में तैनात था, उसकी रिपोर्ट नेेगेटिव आने पर ओगणा थाने के जाब्ते ने राहत की सांस ली है। हालांकि पूरा स्टॉफ आईसोलेट है। शुक्रवार को ओगणा स्थित सरकारी चिकित्सालय का चिकित्सक ने सभी पुलिसकर्मियों की स्क्रीनिंग की और स्वास्थ्य जांच की। सभी पुलिसकर्मी स्वस्थ है और इनमें किसी तरह के कोई लक्ष्ण नहीं है।
घर-घर घूमी एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
दूसरे दिन भी शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी की कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं के साथ-साथ एएनएम ने इस क्षेत्र का सर्वे किया। इसमें एक-एक घर में जाकर पूरी डिटेल ली गई और लोगों से स्वास्थ्य संबंधी अपडेट लिया जा रहा है। डॉ. बामणिया ने बताया कि यह कार्यवाही आगामी 14 दिनों तक चलेगी और इसमें किसी को भी कोई लक्ष्ण पाए जाने पर तत्काल उसका उपचार करवाया जाएगा।
50 टीमों ने 18 हजार लोगों का किया सर्वे
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के रेपिड रेस्पोन्स टीम एवं जिला प्रशासन ने 3 किमी कन्टेन्मेन्ट जोन निर्धारित किया। शुक्रवार दूसरे दिन हाउस टू हाउस सर्वे के लिये 50 टीमों ने सर्वे किया। जिसमें कुल 4581 घरों का सर्वे किया गया जिसमे 18960 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें 22 लोगों मेंं सर्दी जुकाम के मरीज मिले। जिन्हें दवाईयां दी गई। इनमें से किसी को भी अस्पताल रेफर नहीं किया गया।

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