कोई भी जनप्रतिनिधि राशन वितरक को करेगा परेशान को दर्ज होगा मुकदमा – कलेक्टर

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उदयपुर। लॉक डॉउन की अवधि में जिले में वार्ड पंच से लेकर पार्षद तक राशन वितरकों को परेशान कर रहे है, जिससे सरकारी कार्मिक अपना काम नहीं कर पा रहे है। ऐसे में जिला कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसी महामारी के दौरान यदि जनप्रतिनिधि अनावश्यक रूप से कार्मिकों को परेशान करेंगे तो उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा।

कोरोना महामारी के इस दौर में प्रदेश सरकार ने जिले के सभी लोगो के लिए विशेष व्यवस्था की है। जिसमें हर जरूरतमंद के लिए राशन कीट दिया जा रहा है। इस राशन के किट में भी अब राजनीति होने लगी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गांवों और शहर में राशन किट के वितरण में राजनीतिक दलों के लोग सरकारी कार्मिकों पर दबाव बना रहे है तो वार्ड पंच से लेकर सरपंच और पार्षद तक यह चाहते है कि उनके वार्ड में वे जहां पर बोले और उनके समर्थकों को पहले राशन किट मिले। इसके लिए वे लगातार कार्मिकों पर दबाव बना रहे है और परेशान कर रहे है। कई लोगों ने उच्चाधिकारियों के साथ-साथ जिला कलेक्टर को भी इस बारे में शिकातय दी थी, इस पर जिला कलेक्अर आनंदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा।
बुधवार को वायरल हुए जिला कलेक्टर के ऑडियों में जिला कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि जिले में इस तरह से कार्मिकों को परेशान किया जाएगा तो ऐसे व्यक्ति और जनप्रतिनिधि के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसी महामारी के समय में कोई भी राजनीति ना करें और ये सभी लोग महामारी से निपटने के लिए सभी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि कार्मिकों का सहयोग करें, ताकि इस महामारी में कोई भी जरूरत मंंद भूखा ना रहे।

वार्ड 57 में डोर टू डोर नहीं गया राशन डीलर
निगम के वार्ड 57 में भी अव्यवस्था रही, जिसमें राशन डीलर ने डोर टू डोर नहीं गया। राशन डीलर अपनी दुकान को खोलकर बैठ गया, जबकि रसद विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा कि राशन डीलर को डोर टू डोर जाकर राशन वितरण करना है। राशन डीलर दो दिन से गायब था, जिसकी शिकायत पर मौके पर क्षेत्रिय पार्षद छोगालाल भोई गए और उन्होंने राशन डीलर को पाबंद किया।
राहत सामग्री बीएलओं के माध्यम से बंटवाने की मांंग
उदयपुर। कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए लॉक डाउन में बांट रहे भोजन पैकेटों का वितरण प्रशासनिक स्तर पर करने की मांग उठी है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि सेवा पाने वाले कुछ लोग दुरुपयोग कर राशन सामग्री का अपने घर मे स्टॉक कर रहे हैं। इसका कारण हैं कि किसी दानदाता, स्वयंसेवी संस्था व सामाजिक संगठन को यह पता नही की ऐसे व्यक्ति के पास भोजन पैकेट या राशन सामग्री पहुँच चुकी या नही। और ऐसे व्यक्ति सभी से लेकर घर मे रख लेते हैं। ऐसे में जरूरतमंदो तक सहायता नही पहुंच पाती हैं। ऐसे मेें सभी अपनी राहत सामग्री बीएलओ के माध्यम से बंटवाएं, ताकि जरूरतमंदों के पास पहुँच सके।वार्ड 53 में राशन लेने उमड़े लोग, वोलियन्टर ने संभाली व्यवस्था

शहर के वार्ड 53 में राशन व्यवस्था के दौरान अव्यवस्था हो गई। जानकारी के अनुसार राशन से भरा ट्रक बुधवार को बदनोर की हवेली के बाहर खड़ा हो गया। लोगों को जब पता चला तो मौके पर काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर थाने से जाब्ता गया और लोगों को दूर-दूर खड़ा किया। सूचना मिलने पर मौके पर पार्षद कुलदीप जोशी भी पहुँचे। जोशी ने बताया कि मौके पर एंट्री करने वाला एक ही था, जिससे अव्यवस्था हो रही थी। इस पर अपनी ओर से चार युवकों को वोलियन्टर के रूप में लगया, जिन्होंने सेवाएं दी और राशन वितरण किया।रसद विभाग की टीम ने की कार्यवाहीमास्क-सेनेटाईजर की कालाबाजारी करने तीन मेडिकल स्टोर्स सीजउदयपुर। लॉक डॉउन में मेडिकल स्टोर्स द्वारा मास्क और सेनीटाईजर्स के अधिक दाम वसूलने की शिकायतों पर कार्यवाही करने के लिए बुधवार को रसद विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने 3 मेडिकल स्टोर्स पर छापामार कार्यवाही करते हुए जांच की तथा अनियमितता मिलने पर तीनों दुकानों को सीज कर दिया।
जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि मेडिकल स्टोर्स द्वारा मास्क व सेनीटाईजर्स की अधिक दाम वसूलने की प्राप्त शिकायतों पर एक दल का गठन किया गया जिसमें प्रवर्तन अधिकारी पिंकी भाटी, प्रवर्तन निरीक्षक विशेष मीणा व वरिष्ठ सहायक विचित्र सिंह को भेजा गया। इस दल ने सेटेलाईट हॉस्पीटल के सामने स्थित नाकोड़ा मेडिकल स्टोर पर जांच की जहां पर स्वयं दुकानदार ने अधिक दाम वसूलने की बात स्वीकार की। यहां पर जांच दल को कपड़े वाले मास्क मिले और इसे बीस रुपयों में बेचा जा रहा था। दुकानदार ने सेनीटाईजर खत्म हो जाने की बात कही। उसने दुकान पर मूल्य सूची प्रदर्शित करने के बारे में पूछा तो उसने इसकी जानकारी से अनभिज्ञता जताई। मौके पर दुकानदार बिल भी नहीं बता पाया। इन मेडिकल स्टोर को सीज़ कर दिया। सेक्टर 4 में मुकेश मेडिकल स्टोर पर 60 रुपये दाम पर 60 सेनीटाईजर की स्थानीय स्तर पर खरीद के बिल मांगे, परन्तु दुकानदार राजेश पोखरना एक भी सेनीटाईजऱ की बिक्री का बिल प्रस्तुत नहीं कर सका। मौके पर न तो सेनीटाईजऱ और न ही मास्क का स्टॉक मिला। बिल बुक में दवाईयों की बिक्री के बिल तो मिले परंतु 60 सेनीटाईजऱ में से एक का भी बिल नहीं मिला। इस पर इस मेडिकल को भी सीज किया। इसी तरह सेक्टर 4 में नेशनल मेडिकल स्टोर पर जांच दौरान मास्क व सेनीटाईजऱ का स्टॉक ही गायब मिला। स्वयं दुकानदार अशोक कुमार ने स्वीकार किया कि टू व थ्री लेयर मास्क को उसने बीस रुपये में बेचा है। उसने बताया कि उसने मास्क 18 रुपये की दर पर 50 खरीद कर 20 में बेचे, जबकि जांच दल द्वारा खरीदी का बिल मांगे जाने पर दुकानदार बिल उपलब्ध नहीं करवा पाया। इस पर इस दुकान को सीज किया गया।

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