सक्षम होने पर भी लेगा राशन किट तो दर्ज होगा मुकदमा

0
608

व्यवस्थाओं को बिगाड़ा शहर के दोनों दलों के नेताओं ने
अपनी दुकान जमाने कुछ भी कर गुजरने को तैयार है शहर के नेता

उदयपुर. नगर संवाददाता & लॉक डॉउन के इस दौर में एक ही परिवार द्वारा अलग-अलग नामों और अलग-अलग नेताओं की सिफारिशे करवाकर राशन लेकर अपने घर में स्टॉक कर रहा है और इसके साथ ही स्वयं सेवी संस्थाओं से मिल रहा गर्म खाना भी खा रहे है। ऐसे में अब रसद विभाग भी सख्त हो गया है और सक्षम होने के बाद भी राशन किट लेने या अलग-अलग नामों से दो बार किट लेने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। इस व्यवस्था का बिगाडऩे वाले भी स्थानीय नेता ही है जो अपनी दुकानदारी चलाने के लिए प्रशासन पर दबाव बना रहे है।
जानकारी के अनुसार लगातार ये शिकायतें आ रही है कि शहर की कई बस्तियों में कई परिवार बार-बार अपने घर में राशन समाप्त होने की गुहार लगाकर राशन किट मांग रहे है और पिछले सात दिनों में कई परिवार दो से तीन बार राशन किट ले जा चुके है। ऐसे लोगों के खिलाफ अब प्रशासन कठोर कार्यवाही करते हुए मुकदमा दर्ज करवाएगा।
उदयपुर शहर में 29 हजार परिवार खाद्य सुरक्षा में चिन्ह्ति है, ऐसे में इन लोगों को राशन की दुकान से पहले ही राशन मिल रहा है। इसके बाद भी लगातार बस्तियों से फोन कर बार-बार राशन किट की मांग की जा रही है। जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि शहर मेें अब तक 3 हजार किट को बांटा जा चुका है। इसके बाद भी लगातार डिमांड आ रही है। अब तो यह शिकायतें भी आने लगी है कि एक ही परिवार ने अलग-अलग नामों से किट ले लिए है ऐसे में इन लोगों को चिन्ह्ति कर मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। इसके साथ ही सोमवार से एक नई व्यवस्था की गई है कि जो भी लोग राशन कीट ले रहे है उनके राशन कार्ड या आधार पर छाप लगाई जाएगी, ताकी ये आगामी 15 दिन तक फिर से राशन की मांग ना कर सकें।स्थानीय नेताओं ने बिगाड़ा व्यवस्था कोइस व्यवस्था को बिगाडऩे में स्थानीय नेताओं का महत्वपूर्ण हाथ रहा। जानकारी के अनुसार पहलें बीएलओ से जरूरतमंदों की सूची मांगी थी, लेकिन कुछ नेताओं और जनप्रतिनिधियों को लगा कि उनकी दुकानदारी खत्म हो रही है तो विरोध करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही इन नेताओं ने अपनी ओर से सूची दी, इसके साथ ही राजनीतिक दलों ने भी अपनी ओर से सूची थी। ऐसे में एक व्यक्ति का नाम कई सूचियों में है। ऐसे में काफी कन्फ्यूजन हो रहा है।प्रशासन ने की व्यवस्था
जिला प्रशासन ने लॉक डाउॅन की स्थिति में यह व्यवस्था की थी कि कंट्रोल रूम में जो भी फोन आएगा उसे पूरा सुना जाएगा और इसी आधार पर आवश्यकता को देखते हुए संबंधित परिवार तक राशन पहुँचाया जाएगा। शुरूआत के दो दिन तक व्यवस्था अच्छी चली, लेकिन बाद में यह व्यवस्था बिगड़ गई।
स्पेलिंग तक बदल दी
रसद कार्यालय में जिसे-जिसे राशन किट दिया जा रहा है उसके नाम की एंट्री की जा रही है, लेकिन जिन नेताओं और राजनीतिक दलों ने सूचियां दी है प्रत्येक ने एक ही लाभार्थी के नाम की स्पेलिंग में कोई न कोई मिस्टेक रह रही है। ऐसे में सिस्टम उसे पकड़ नहीं पा रहा है। इसी कारण गड़बड़ हो रही है।इनका कहना है
कोई भी यदि गलत तरीके से दो बार राशन किट लेगा और उसकी जानकारी मिल जाती है तो उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा। ज्योति ककवानी, जिला रसद अधिकारी, उदयपुर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here