Sunday , 23 April 2017
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‘2019 में भी मोदी का जीतना जय’

पेइचिंग। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी को मिली जीत की चर्चा भारत से बाहर उसके पड़ोसी देशों में भी पहुंच गई है। भाजपा की इस जीत पर चीनी मीडिया की भी नजर है। चीन के अखबार ‘ग्लोबल टाइम्सÓ के मुताबिक, भाजपा को इतनी बड़ी जीत मिलने से प्रधानमंत्री मोदी की स्थिति मजबूत हुई है और इसका फायदा भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी होगा। अखबार ने लिखा है कि इस जीत के बाद भारत अन्य देशों के साथ जुड़े अपने विवादों को सुलझाने के लिए आसानी से कोई समझौता नहीं करना चाहेगा। इस लेख में भारत-चीन के आपसी रिश्तों पर यूपी-उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिली इस जीत के असर का विश्लेषण किया गया है।
ग्लोबल टाइम्स चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का अखबार है, जिसका फोकस विदेशी मामलों पर होता है। गुरूवार को अखबार में छपे एक लेख में कहा गया है कि भाजपा की जीत का मतलब है कि अब अंतरराष्ट्रीय विवादों में भारत के साथ किसी तरह का समझौता करने में ज्यादा परेशानी पेश आएगी। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, भारत के आंतरिक मामलों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्र.म. मोदी का सख्त बर्ताव भाजपा को मिली जीतों के कारण और कठोर होता जाएगा। इस लेख में अनुमान जताया गया है कि भारत में आयोजित होने वाले 2019 के लोकसभा चुनावों में भी भाजपा को ही जीत मिलेगी।
भारत के पुराने बर्ताव में बदलाव लाए हैं मोदी
गलोबल टाइम्स ने लिखा है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखें, तो प्रधानमंत्री मोदी भारत के पुराने बर्ताव में बदलाव लाए हैं। पहले भारत किसी को भी नाराज नहीं करना चाहता था, लेकिन अब वह अपने हितों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने के लिए बाकी देशों के साथ जुड़े विवादों में भी साफगोई से अपना पक्ष रखता है। अगर मोदी अगला चुनाव जीतते हैं, तो भारत का मौजूदा सख्त और कठोर रवैया जारी रहेगा। इस जीत के साथ ही प्र.म. मोदी और मजबूत हुए हैं। इसका मतलब है कि बाकी देशों के साथ जुड़े विवादों में भारत मुश्किल से ही कोई समझौता करेगा। ग्लोबल टाइम्स ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारत-चीन सीमा पर जवानों के साथ दिवाली का त्योहार मनाए जाने के प्रसंग का भी जिक्र किया है।
‘सख्त रूख दिखा रहे हैं मोदीÓ
इस लेख में आगे कहा गया है, पेइचिंग और नई दिल्ली के आपसी सीमा विवादों को ही देखिए। अभी तक इस संबंध में कोई उम्मीद की किरण नजर नहीं आई है। मोदी ने भारत-चीन सीमा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों के साथ भारत के सबसे बड़े त्योहार दिवाली को मनाकर इस सीमा विवाद पर अपने सख्त रूख का परिचय दिया। लेख में आगे कहा गया है, प्र.म. मोदी ने अमेरिका और जापान के साथ रक्षा संबंधों को और मजबूत किया। उन्होंने एशिया-प्रशांत क्षेत्र को फिर से संतुलित करने की अमेरिकी नीति को समर्थन दिया। दक्षिणी चीन सागर विवाद पर भी उन्होंने अमेरिका के पक्ष का समर्थन किया।
मोदी के कार्यकाल में आपसी विवादों का हल निकलने की उम्मीद जताई
भाजपा और मोदी को हाईलाइनर्स बताते हुए इस लेख में आगे कहा गया है, जमीन पर ये हार्डलाइनर्स भले ही लचीले ना दिखें, लेकिन एक बार जब ये अपना मन बना लेते हैं, तो अपनी योग्यता और काबिलियत के बूते किसी मुद्दे पर समझौता करने में भी दृढ़ता दिखाते हैं। हमें उम्मीद है कि मोदी के कार्यकाल में सीमा विवाद सहित तमाम आपसी मतभेदों को सुलझाया जा सकता है, बशर्ते दोनों पक्ष इसके लिए राजी हों।

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