Monday , 24 April 2017
Top Headlines:
Home » India » Utter Pradesh » 18 को तय होगा यूपी का अगला मुख्यमंत्री

18 को तय होगा यूपी का अगला मुख्यमंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री का फैसला 18 मार्च, शाम 5 बजे भाजपा विधायकों की बैठक में होगा। पार्टी मुख्यालय में होने वाली बैठक में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय शहरी विकास एवं सूचना प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू व राष्ट्रीय महामंत्री भूपेंद्र यादव बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, प्रभारी ओमप्रकाश माथुर, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश व प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी बैठक में शामिल रहेंगे। माना जा रहा है कि दिल्ली में केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में तय किए गए दलनेता के नाम पर शनिवार को मुहर लग जाएगी। जिन नामों की चर्चाएं तेज है, उसमें केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मनोज सिन्हा, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और निवर्तमान विधानमंडल दलनेता सुरेश खन्ना जैसे नाम प्रमुख है।
पिछड़े वर्ग से सीएम की पैरोकारी
बता दें कि प्रदेश में भाजपा और सहयोगी दलों ने रिकार्ड 325 सीटें जीतकर इतिहास रचा है। गत 11 मार्च को चुनाव परिणाम जारी होने के बाद से कौन बनेगा मुख्यमंत्री का सवाल सभी के जेहन में है। मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में राजनाथ सिंह का नाम ही सबसे मजबूत माना जा रहा था परंतु उन्होंने इसको फालतू बात कहकर खंडन किया था। राजनाथ सिंह वर्ष 2000-02 में प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अतिपिछड़ों के लिए सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के आधार पर अलग आरक्षण कोटा देने की व्यवस्था करने वाले राजनाथ को वरिष्ठता को लाभ मिलेगा। वहीं पार्टी में एक खेमा पिछड़े वर्ग से मुख्यमंत्री बनाने की पैरोकारी कर रहा है लेकिन बहुतेरों का मानना है कि पिछड़ों में भाजपा प्रेम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण जागा है। इसलिए मोदी से बड़ा पिछड़े वर्ग का नेता कोई नहीं हो सकता। वहीं, केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निकटस्थ माना जा रहा है।
मंत्री चुनना किसी चुनौती से कम नहीं
वैसे मुख्यमंत्री पद के लिए करीब एक दर्जन नाम चर्चा में हैं लेकिन भाजपा के लिए मंत्री चुनना किसी चुनौती से कम नहीं है। दरअसल भाजपा में विधायकों की भारी भीड़ है। कुछ नेता ऐसे हैं जो वर्षों से प्रदेश में पार्टी का चेहरा बने हैं, वहीं कुछ नए दावेदार भी बनकर उभरे हैं जो पहली बार विधानसभा पहुंचे। भाजपा में पुराने प्रदर्शन और पार्टी में रसूख को अगर आधार मानें तो सुरेश खन्ना, राधा मोहन दास अग्रवाल, हृदयनारायण दीक्षित, सतीश महाना, श्रीकांत शर्मा, पंकज सिंह, सिद्धार्थनाथ सिंह, धर्म पाल सिंह, कृष्णा पासवान, राजेश अग्रवाल, वीरेंद्र सिंह सिरोही, रमापति शास्त्री, अक्षयवर लाल, अवतार सिंह भड़ाना, आशुतोष टंडन, वेद प्रकाश गुप्ता, दारा सिंह चौहान और धर्म सिंह सैनी मंत्री पद के दावेदार बनते हैं। चूंकि कानून व्यवस्था सुधारने को लेकर भाजपा ने अपने घोषणापत्र में तमाम योजनाएं दी है, इसलिए प्रदेश में गृहमंत्री का पद भी सामने आ सकता है।
महिला विधायकों को भी आस
भाजपा से इस बार 34 महिला विधायक हैं। इनमें कुछ नाम ऐसे हैं, जो भाजपा की जीत का प्रमुख चेहरा बने हैं। अमेठी में गरिमा सिंह और लखनऊ में मुलायम के भतीजे को हराने वाली स्वाति सिंह का नाम प्रमुख हैं। इसके साथ सपा से भाजपा में आए महेंद्र अरिदमन सिंह की पत्नी पक्षालिका सिंह भी मंत्री पद के प्रमुख दावेदारों की सूची में हैं।
केशव तय करेंगे नाम
दिल्ली में केंद्रीय संसदीय दल की बैठक समाप्त होने के बाद जब मीडियाकर्मियों द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुख्यमंत्री के नाम पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि जो नाम प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य तय कर देंगे वही मुख्यमंत्री होगा। इस पर बाद में केशव मौर्य से पूछने पर उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुझे नाम तय करने का जिम्मा दिया है तो मैं अपना नाम कैसे प्रस्तावित कर सकता हूं?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*