Saturday , 27 May 2017
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हैदराबाद-कोलकाता में ‘आखिरी उम्मीद’ की जंग

बेंगलुरू। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 10वां संस्करण अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है जहां बुधवार को गत चैंपियन सनराइजर्स हैदराबाद अपने खिताब का बचाव करने तो दो बार की चैंपियन कोलकाता नाइटराइडर्स खिताबी हैट्रिक का लक्ष्य साधने के लिये ”करो या बाहर जाओÓÓ वाले महत्वपूर्ण एलिमिनेटर मुकाबले में उतरेंगी।
आईपीएल के लीग चरण में गौतम गंभीर की केकेआर ने कमाल की शुरूआत की और तालिका में शीर्ष पर भी पहुंची लेकिन इसके बाद वह पटरी से उतर गयी और कुछ अहम मुकाबले गंवाने के कारण वह चौथे पायदान पर रही। हालांकि उसने प्लेऑफ में जगह बना ली जबकि एक अंक के अंतर से डेविड वार्नर की हैदराबाद 17 अंक लेकर तीसरे नंबर पर रही।
अब दोनों ही पूर्व चैंपियन टीमों के सामने बेंगलुरू में लीग का सबसे अहम करो या मरो का मुकाबला होगा जिसमें हारने वाली टीम का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा जबकि जीतने वाली टीम के पास क्वालिफायर दो के जरिये फाइनल का टिकट कटाने का मौका रहेगा। लीग में धमाकेदार खेल दिखाने वाली केकेआर दूसरे चरण में कुछ लापरवाह हो गयी जिसका खामियाजा उसे हार से चुकाना पड़ा।
कोलकाता ने अपने आखिरी तीन मैचों में बेंगलुरू के खिलाफ जीत के बाद पंजाब और फिर लीग के आखिरी मैच में मुंबई से हार झेली थी और इसी कारण वह शीर्ष दो में भी जगह नहीं बना सकी। वहीं हैदराबाद ने गेंद और बल्ले से अविश्वसनीय खेल दिखाया और अपने बढिय़ा टीम संयोजन की बदौलत उसने लीग के आखिरी मैच में भी गुजरात को आठ विकेट से हराया और अब वह कोलकाता के मुकाबले ज्यादा बेहतर मनोबल के साथ एलिमिनेटर में उतरेगी।
आस्ट्रेलियाई उपकप्तान वार्नर ने हैदराबाद के लिये ट््वंटी 20 टूर्नामेंट में अपने नेतृत्व को ही नहीं साबित किया है बल्कि वह टीम के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर भी साबित हुये हैं और 13 मैचों में 60.40 के औसत से उन्होंने सर्वाधिक 604 रन बनाये हैं जिसमें 126 रन की उनकी शतकीय पारी और चार अर्धशतक शामिल हैं। कोलकाता के लिये निश्चित ही वार्नर सबसे बड़ा खतरा होंगे जबकि हैदराबाद उम्मीद करेगा कि एलिमिनेटर में वार्नर इसी फार्म को बरकरार रखें।
हैदराबाद के पास शिखर धवन और युवराज सिंह जैसे अच्छे बल्लेबाज भी हैं जिन्होंने टीम के लिये अच्छा स्कोर किया है तो गुजरात के खिलाफ आखिरी लीग मैच में अपना तीसरा ही मैच खेल रहे विजय शंकर ने नाबाद 63 रन की पारी खेली थी और यह भी अच्छा संकेत है कि वह अहम मुकाबले में टीम के लिये बल्लेबाजी में अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
वहीं वार्नर की टीम के पास गेंदबाजी क्रम का भी अच्छा पूल है और तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार उसके इस सत्र में सबसे सफल खिलाड़ी साबित हुये हैं। भुवनेश्वर 13 मैचों में 25 विकेट लेकर आईपीएल के सफल गेंदबाजों में रहे हैं और हैदराबाद के भी सबसे ताकतवर खिलाड़ी हैं।
पिछले मैच में चार विकेट लेने वाले ”मैन ऑफ द मैचÓÓ रहे मोहम्मद सिराज के चार विकेट की कमाल की गेंदबाजी के अलावा सिद्धार्थ कौल, आईपीएल में पदार्पण कर रहे अफगानिस्तान के राशिद खान (17 विकेट) टीम के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं और ये सभी खिलाड़ी कोलकाता के खिलाफ एक इकाई के रूप में खेलेंगे तो विपक्षी टीम के लिये इस चुनौती से पार पाना आसान नहीं होगा।
दूसरी ओर कोलकाता का आखिरी कुछ मुकाबलों में मिली हार से मनोबल गिरा है और आखिरी मैच में मुंबई से मिली हार के बाद उसका हौंसला और भी पस्त हुआ है। गंभीर के लिये यह चुनौती रहेगी कि वह हैदराबाद के खिलाफ टीम का मनोबल ऊंचा रखने के साथ बेहतर रणनीति के साथ उतरें।
आईपीएल में दोनों टीमों के बीच दो मुकाबले हुये हैं जिसमें केकेआर ने अपने मैदान पर हैदराबाद को 17 रन से हराया था तो दूसरे मैच में हैदराबाद ने अपने मैदान पर कोलकाता को 48 रन से हराकर बदला चुकता किया था। कोलकाता के लिये यह अच्छा संकेत है कि क्रिस लिन आखिरी समय पर वापसी कर रहे हैं जिससे उसका ओपनिंग क्रम मजबूत हुआ है।
स्पिनर सुनील नारायण भी ओपङ्क्षनग में अच्छा स्कोर कर रहे हैं। इसके अलावा गंभीर और उथप्पा 454 रन और 386 रन टीम के शीर्ष स्कोरर हैं जबकि मनीष पांडे, यूसुफ पठान, कॉलिन ग्रैंडहोमे भी मध्यक्रम के अच्छे स्कोरर हैं तो ट्रेंट बोल्ट, चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव, तेज गेंदबाज उमेश यादव पर उसकी गेंदबाजी की जिम्मेदारी रहेगी। दोनों टीमों के बीच 50-50 का रिकार्ड रहा है और अब तटस्थ मैदान पर देखना होगा कि कौन किस पर भारी पड़ता है।

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