Saturday , 27 May 2017
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रिफाइनरी के लिए नया एमओयू शीघ्र

जयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने बाड़मेर में रिफाइनरी के लिए बिना सोच-विचार किए एमओयू किया था, जबकि हमारी सरकार ने प्रदेश के हितों के साथ कोई समझौता मंजूर नहीं किया। हमारे प्रयासों से ही एचपीसीएल को अपने पुराने प्रस्ताव को बदलना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमारी ओर से किए गए रि-नेगोशिएशन का ही परिणाम है कि राज्य पर रिफाइनरी की स्थापना से पडऩे वाला वित्तीय भार परियोजना की लागत बढऩे के बावजूद करीब दो-तिहाई घटकर अब 20 हजार 583 करोड़ रूपये रह गया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही एचपीसीएल के नये प्रस्ताव के मुताबिक रिफाइनरी के लिए एमओयू किया जायेगा।
श्रीमती राजे गुरूवार को विधानसभा में राजस्थान विनियोग विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब दे रही थीं। मुख्यमंत्री के जवाब के बाद राजस्थान विनियोग विधेयक एवं वित्त विधेयक 2017 को सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा एचपीसीएल के साथ किए गए एमओयू के मुताबिक राज्य सरकार को 15 वर्ष तक प्रतिवर्ष ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 3 हजार 736 करोड़ रूपये देने पड़ते, जो हमारे रि-नेगोशिएशन से अब मात्र 1 हजार 123 करोड़ रूपये प्रतिवर्ष ही रह गया है। इस तरह अब हमारे प्रयासों से 15 वर्षों में ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी जाने वाली राशि 56 हजार 40 करोड़ रूपये से घटकर 16 हजार 845 करोड़ रूपये ही रह गई है। इसी प्रकार पिछली सरकार ने रिफाइनरी में 26 प्रतिशत इक्विटी के रूप में 3871 करोड़ देना तय किया था। नये प्रस्ताव में यह राशि भी घटकर 3738 करोड़ रह गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास एवं आर्थिक क्षेत्र पर व्यय का औसत देश के औसत से करीब 8 फीसदी अधिक है। प्रदेश में सामान्य श्रेणी के राज्यों की तुलना में विकास पर औसत खर्च करीब 10 प्रतिशत अधिक एवं आर्थिक क्षेत्र में खर्च करीब 16 प्रतिशत अधिक है, जो प्रदेश के लिए हमारे कमिटमेंट को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के अलावा न्याय आपके द्वार अभियान, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जनकल्याण पंचायत शिविर, शहरी क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री शहरी जनकल्याण शिविर एवं पूरे प्रदेश में नि:शक्तजनों के लिए शिविर आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जैतारण में राजकीय महाविद्यालय को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में क्रमोन्नत करने की घोषणा भी की।
श्रीमती राजे ने इन पंक्तियों के साथ अपने भाषण को विराम दिया-
आओ एक नई सोच के साथ, हम आगे कदम बढ़ाएं,
हौंसलों से अपने सपनों की ऊंचाइयां, छू कर दिखाएं,
आज आप और हम मिलकर, एक संकल्प लें ऐसा,
कि राजस्थान को तरक्की के शिखर पर पहुंचाएं।

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