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मोदी ने मुंबई में सिनेमा म्यूजियम का किया उद्घाटन

हाउ इज द जोश ?
फिल्मी हस्तियों से पूछा
मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मुंबई में नैशनल म्यूजियम ऑफ इंडियन सिनेमा की नई बिल्डिंग का उद्घाटन करने पहुंचे।
इस दौरान फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों को संबोधित करते हुए प्र.म. मोदी ने फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइकÓ में इस्तेमाल किए गए डायलॉग का भी प्रयोग किया। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से पूछा- ‘हाउ इज द जोशÓ। बता दें कि इस फिल्म में यह नारा सेना के जवान जोश भरने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
भारतीय फिल्मों की तारीफ करते हुए प्र.म. मोदी ने कहा कि हमारी फिल्मों में मानवीयता की भावनाओं को बेहतरीन तरीके से पेश किया जाता है। उन्होंने आगे कहा, बात चाहे फन पैदा करने की हो या फैन बनाने की है, हम हर जगह आगे हैं। आज युवा अगर बैटमैन का फैन है तो बाहुबली का भी फैन है। हमारे किरदारों की भी ग्लोबल अपील है। फिल्में ही भारतीयता का पूरे विश्व में प्रतिनिधित्व करती हैं। ये फिल्में दुनिया को आकर्षित करती हैं और पूरे विश्व में भारत को ब्रैंड बनाने में बहुत बड़ा रोल प्ले करती हैं। कम्युनिस्टों पर तंज के बहाने भारतीय फिल्मों की तारीफमोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री से भी जुड़ा एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, एक कार्यक्रम में मैंने कई देशों के नेताओं को परिवार सहित बुलाया था। ज्यादातर लोग परिवार के साथ आए भी थे लेकिन वियतनाम के प्रधानमंत्री अकेले आए। उनका देश कम्युनिस्ट है और वह खुद भी कम्युनिस्ट हैं। अब आप तो जानते ही हैं, कम्युनिस्टों को। यहां भी कुछ कम्युनिस्ट हैं, उन्हें धक्का लग सकता है। खैर, वियतनाम के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पत्नी रामायण सीरियल देखने में व्यस्त हैं, इसलिए वह साथ नहीं आईं। फिल्म इंडस्ट्री से टूरिजम को बढ़ावा मिलने की बात कहते हुए मोदी ने कहा, देश में कई सारे पर्यटन स्थल फिल्मों की वजह से जाने जाते हैं, पर्यटन को बढ़ाने में बहुत बड़ा रोल फिल्म इंडस्ट्री निभा सकती है। टूरिजम गरीब से गरीब को रोजगार देता है, चाय वाला भी कमाता है। मोदी ने भारतीय फिल्मों में भावुकता की तारीफ करते हुए एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, एक बार एक विदेश यात्रा के दौरान मुझसे एक व्यक्ति ने पूछा कि भारतीय फिल्मों में लोग मंदिर में रोते हैं, पैर पकड़ लेते हैं, ऐसा क्यों है? सोचिए कि वह व्यक्ति भारत की फिल्मों में भावनात्मकता देखकर हैरान है और यही हमारी सफलता है। मोदी ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘ईचक दाना, ईचक दानाÓ गाना पूरा सुनाया था, भले ही उन्हें इसका मतलब न पता हैं। मोदी ने इशारों-इशारों में ही पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, पहले तकनीक के अभाव में फिल्में बनने में 7-8 साल लग जाते थे। आप यह देखिए कि पहले सरकारी योजनाओं के साथ यही होता था, 30 साल 40 साल में योजनाएं पूरी होती थीं लेकिन अब ऐसा नहीं है। ‘साढ़े चार साल में खत्म
किए 1400 कानूनÓ
फिल्म निर्माण में आ रही समस्याओं के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा, फिल्म शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस का काम शुरू किया गया है, जिसके लिए एक पोर्टल बनाया जा रहा है, जिससे आपका काम आसानी से हो जाएगा और तय समय में हो जाएगी। भविष्य में आपको शूटिंग की परमिशन के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। हमने अपने कार्यकाल में अब तक 1400 कानून खत्म किए ताकि प्रक्रिया सरल हो।

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