Friday , 26 May 2017
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भारत को विश्व गुरू बनाने वेदों का संरक्षण जरूरी : शंकराचार्य

चित्तौडग़ढ़़। पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि वेदों के कारण ही भारत कालांतर में विश्व गुरू रहा है, जिसे फिर से विश्व गुरू बनाने के लिये वेदों का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि वेदों में न केवल विज्ञान बल्कि भूत, भविष्य, धर्मशास्त्र, राजनीति शास्त्र, ज्ञान, विज्ञान और जीवन के सभी क्रियाकलाप और प्रकल्प भी निहित है। ऐसी स्थिति में वैदिक सिद्धांत से किये जाने वाले कार्य उत्क्रष्ठ परिणाम दायक होते है। शंकराचार्य गुरूवार को यहां पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में शंकराचार्य के चार पीठ मान्य है लेकिन राजनीतिक तुष्टिकरण के चलते चारों धर्म स्थलों को राजधानी को महत्व नहीं दिया गया है, वहीं धर्माचार्य भी राजनीतिक संरक्षण के लालच में सत्तारूढ दलों से जुड़कर मूल उद्देश्य से भटकने लगे है और जो तटस्थवादी होकर प्रयास करते है, उन्हें दरकिनार कर दिया जाता है।
अयोध्या में राम मंदिर ही बने
जगतगुरू निश्चलानंद महाराज ने कहा कि 17 लाख वर्ष पूर्व आयोध्या में रामलला का जन्म हुआ और वह देश की सबसे बड़ी राजधानी भी रही, जिसके पुख्ता प्रमाण भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा प्रमाणित कर लिये गये है। इसके बाद भी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आम सहमति से मंदिर निर्माण का मार्ग बताना काफी टेढा है क्योंकि विश्व के मुस्लिम बाहुल्य देश राममंदिर निर्माण के लिये सम्भवत: कभी भी अपनी सहमति नहीं देंगे। ऐसी स्थिति में जब उत्तरप्रदेश व केंद्र में भाजपा की सरकार है तथा संसद और राज्य सभा में इनका बहुमत है तो आम सहमति के बजाय बहुमत के आधार पर निर्णय लेकर अयोध्या में केवल राममंदिर ही बनना चाहिए।
बांट दिया हिन्दुत्व को
शंकराचार्य ने कहा कि संविधान की धारा 25 में हिन्दुओं की व्याख्या के साथ जैन सिक्ख, बोद्ध को जोड़ा गया था, लेकिन संविधान में संशोधन कर जोड़े गये इन धर्मावलम्बियों को अल्प संख्यक बनाकर मुस्लिम समाज के समकक्ष कर दिया, जो कदापि उचित नहीं है, वहीं कश्मीर के लिये लागू धारा 370 भी वहां हिन्दुओं और मुसलमानों को विभाजित करने वाली है। उन्होंने कहा कि सरकार के ऐसे प्रयासों से हिन्दुओं के अस्तित्व को ही चुनौती दे दी गई है।
गौ रक्षकों का संरक्षण हो
जगत गुरू निश्चलानन्द महाराज ने कहा कि भारतीय सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति में गाय को माता के साथ ही सर्वोच्च स्थान दिया गया है, इसी को मानते हुए जहां मोरारजी देसाई ने आजादी से पूर्व एक पक्ति में गौ रक्षा की बात कही, वहीं सर्वोंच्च पद पर बैठने के बाद बात बदलते हुए उन्होनें कहा कि वे कसाईयों के भी प्रधानमंत्री है। उनका यहीं कथन आज भी राजनैतिक तुष्टिकरण का पर्याय बना हुआ है। इसी कारण गौवंश पर निरन्तर अत्याचार बढ़ रहा है। उन्होनें कहा कि जिन पांच राज्यों में गौ संवर्धन संबंधी विधान बन चुका है, वहां नियमों के तहत गौ रक्षा के साथ-साथ गौ रक्षकों को भी संरक्षण दिया जाना चाहियें।
राम के नाम पर राजनीति
35 वर्ष पूर्व बाबरी मस्जिद ढांचे के ढहाने के साथ ही भाजपा के लोग राम मंदिर निर्माण के नाम पर कई यात्राएं निकालकर सत्ता में पहुंचे है। अब उनकी बारी है कि वें राम के नाम पर राजनीति से उपर उठकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करें ।
श्रद्धालुओं का लगा रहा तांता
शक्ति और भक्ति की पावन धरा पर श्री गोवर्धन मठ पूरी पीठाधीश्वर जगत गुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती महाराज के प्रथम बार गुरूवार को आगमन पर जहां प्रात: ब्रह्म वेला में रेल्वे स्टेशन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर जब उनकी अगवानी की तो उन्होनें आत्मिक भाव से कहा कि ऐसा लगता है कि आज भी यहां महाराणा प्रताप का असर बरकरार है। उन्हें रेल्वे स्टेशन से वाहन रैली के साथ कुम्भानगर स्थित मांधना परिवार के आवास पर लाया गया, जहां सवेरे से अपराह्न तक हजारों श्रद्धालुओं का ताता लगा रहा, वहीं सांसद सीपी जोशी, विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या, सभापति सुशील शर्मा, उपसभापति भरत जागेटिया, प्रधान प्रवीण सिंह राठौड़़, नगर अध्यक्ष नरेन्द्र पोखरना सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शंकराचार्य का आत्मिक स्वागत करते हुए आशीर्वाद लिया, वहीं सनातन धर्म सभा आयोजन समिति के पदाधिकारी सम्पत कालिया, एडवोकेट प्रदीप काबरा, विपीन लड्डा, ओम प्रकाश मांधना, दिनेश अग्रवाल, अनिल ईनाणी, ललित खण्डेलवाल सहित अन्य लोग यहां आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं को चाक चौबंद कर रहे थे।
निकली भव्य शोभायात्रा
जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द महाराज की धर्मसभा से पूर्व पाडनपोल से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें शामिल लोग भारतीय वेशभूषा के साथ केसरिया उपरना ओढ़े, जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। यह शोभायात्रा मिठाई बाजार, गांधीचौक, सदर बाजार, गोल प्याऊ, सुभाष चौक, सहकार सर्कल होते हुए धर्मसभा स्थल गणगौर गार्डन में सम्पन्न हुई। शोभायात्रा में सभापति सुशील शर्मा, आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। शोभायात्रा का पूरे मार्ग में जगह-जगह नगरवासियों द्वारा स्वागत द्वार बनाकर व पलक-पांवड़े बिछाकर पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया।
विहिप व बजरंग दल द्वारा पुष्प वर्षा से स्वागत
बजरंग दल नगर संयोजक विजय वैष्णव ने बताया कि विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा श्री गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभुषित जगतगुरू शंकराचार्यजी स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज की भव्य शोभायात्रा का गोलप्याऊ चौराहे पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। भव्य शोभायात्रा की सुरक्षा की जिम्मेदारी बजरंग दल कार्यकर्ताओं के द्वारा की गई।

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