Saturday , 27 May 2017
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दक्षिण कश्मीर में स्थिति चुनौतीपूर्ण, चिंता का विषय : सीआरपीएफ

श्रीनगर। सीआरपीएफ ने दक्षिण कश्मीर की स्थिति को चुनौतीपूर्ण एवं चिंता का विषय बताते हुए शुक्रवार को कहा कि काफी स्थानीय लोग आतंकी संगठनों में शामिल हो रहे हैं जिसके साथ-साथ वहां आतंकवाद बढ़ रहा है। सीआरपीएफ, श्रीनगर के महानिरीक्षक रविदीप साही ने यहां संवाददाताओं से कहा, दक्षिण कश्मीर में स्थिति चुनौतीपूर्ण है। वहां आतंकवाद बढ़ रहा है और बहुत सारे स्थानीय लोग आतंकी संगठनों में शामिल हो रहे हैं। यह चिंता का विषय है। इसे ध्यान में रखते हुए उस इलाके में (आतंकवाद विरोधी) अभियानों की तीव्रता बढ़ गई है।
साही ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में गुरूवार को बड़े पैमाने पर चलाए गए आतंकविरोधी अभियान से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए कहा, सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस एवं बीएसएफ यहां पर हैं और ये सभी अभियान होते रहते हैं। एक खास सुरक्षा स्थिति एवं खुफिया सूचना के आधार पर ये अभियान चलाए जाते हैं और निकट भविष्य में भी होते रहेंगे।
हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि अभियान सफल रहा या असफल। उन्होंने कहा, मैं इस खास अभियान के बारे में नहीं कह सकता क्योंकि यह मेरे संचालन क्षेत्र में नहीं आता। लेकिन हां, कोई भी अभियान चलाए जाने पर वहां उसका सकारात्मक असर बना रहता है क्योंकि जवान इलाके में पहुंचते हैं, घेराबंदी होती है, तलाशी होती है, जो हमेशा सफल होती है।
साही ने कहा कि अभियान दक्षिण कश्मीर के लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए चलाया गया जहां बैंकों पर हमलों सहित आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल हाल में आतंकियों द्वारा सुरक्षाकर्मियों को दी गई धमकियों से निपटेंगे।
साही ने कहा, यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुलिस, सीआरपीएफ या सेना के स्थानीय कर्मियों को धमकी दी जा रही है। अगर कोई फोर्स का हिस्सा बनता है तो इससे उन्हें रोजगार मिलता है जिसके माध्यम से वे अपने माता-पिता एवं परिवार की देखभाल करते हैं और अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देते हैं। ये धमकियां सही नहीं हैं और मुझे लगता है कि हम सभी – सीआरपीएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस इससे निपटेंगे।
उन्होंने साथ ही कहा कि इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए एक समन्वित सुरक्षा योजना होगी जो दक्षिण कश्मीर से होकर भी गुजरती है। साही ने कहा कि युवाओं को खेल गतिविधियों में शामिल करने से घाटी में विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर असर होगा। उन्होंने कहा, हमें बहुत उम्मीदें हैं और हम हमेशा अच्छे इरादों में विश्वास करते हैं। हर चीज इरादे से शुरू होती है और हमारे इरादे काफी नेक हैं कि हम लडकों एवं लड़कियों को इस तरह की गतिविधियों से जोड़ें। मुझे उम्मीद है कि इस तरह की गतिविधियों, खेल गतिविधियों का विरोध प्रदर्शनों पर असर होगा।
साही ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से कश्मीर की समस्या का अंत नहीं होगा लेकिन इनमें युवाओं को जोडऩे का एक अवसर है।

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