Sunday , 30 April 2017
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‘टीम इंडिया में पहुंचने कुछ खास करना होगा’

पुणे। इंडियन प्रीमियर लीग दुनियाभर के खिलाडिय़ों के लिये सबसे बड़ी और अच्छी कमाई की लीग है तो घरेलू खिलाडिय़ों के लिये राष्ट्रीय टीम में पहुंचने का बड़ा मंच भी है और दिल्ली डेयरडेविल्स को उसकी पहली जीत में अहम भूमिका निभाने वाले युवा क्रिकेटर संजू सैमसन का भी यही मानना है कि उन्हें यह राह तय करने के लिये इस लीग के जरिये कुछ खास करना होगा।
आईपीएल 10 में खराब शुरूआत करने वाली दिल्ली के लिये संजू ने 102 रन की पारी खेलते हुये पुणे के खिलाफ उसे 97 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। संजू का इस टूर्नामेंट में यह पहला शतक है और उन्होंने मैच के बाद अपने प्रदर्शन पर खुशी जताते हुये कहा कि उनका लक्ष्य राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना है और इसलिये वह खास प्रदर्शन पर जोर दे रहे हैं।
मात्र 16 वर्ष की उम्र में केरल के लिये ट््वंटी 20 टीम में जगह बनाने वाले संजू अपने घरेलू प्रदर्शन की बदौलत आईपीएल का हिस्सा बन गये। कोच राहुल द्रविड़ के चहेते माने जाने वाले संजू ने कहा, मैं इस दिन के लिये बहुत खुश हूं। यह मेरे जीवन का विशेष दिन है। भारत में हर खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के लिये ही खेलना चाहता है जो दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम है।
उन्होंने कहा, इसलिये अगर आपको टीम इंडिया में जाना है तो आपको कुछ खास बनना होगा और कुछ खास करना होगा। इसलिये मैं खुश हूं कि अपनी टीम के लिये विशेष पारी खेल सका। हालांकि टीम में जगह बनाने के लिये अभी समय है। संजू को 2016 में दिल्ली की टीम ने शामिल किया था और इस सत्र में उन्होंने सभी 14 मैच खेले थे। लेकिन उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। लेकिन मौजूदा सत्र में संजू ने टीम के लिये 63 गेंदों की पारी में आठ चौके और पांच छके जड़ते हुये शतक ठोका और पहली जीत का स्वाद चखा दिया।
सैमसन ने कहा, द्रविड़, जुबीन भरूचा, पैडी उप्टन जैसे हमारी टीम के सभी सदस्यों ने ही मेरा हमेशा ही समर्थन किया है। पिछला आईपीएल सत्र अच्छा नहीं रहा था लेकिन फिर भी उन्होंने मेरा समर्थन किया और मैं अपनी इस पारी को उन्हीं को समर्पित करना चाहता हूं।
उन्होंने कहा, मैं जब 17 वर्ष का था तो राजस्थान रॉयल्स के साथ था और तभी से द्रविड़ के साथ काम कर रहा हूं। यह मेरा सौभाग्य है कि वह मेरा मार्गदर्शन कर रहे हैं। बहुत सारे लोगों को यह मौका नहीं मिलता है। संजू का घरेलू सत्र भी कुछ खास नहीं रहा था लेकिन उन्होंने माना कि खराब सत्र की वजह से वह अपने खेल को बेहतर कर सके। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि आपके जीवन में खराब समय आना भी जरूरी है। यदि आप सफल ही रहेंगे तो सीख नहीं पाएंगे। यदि क्रिकेट में आप गलतियां करते हैं तो सीखते हैं और बेहतर बनते हैं। मेरे खराब सत्रों ने मुझे बेहतर इंसान और क्रिकेटर बनने में मदद की है।

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