Monday , 27 January 2020
Top Headlines:
Home » Hot on The Web » गृहमंत्री ने दिए नागरिकता कानून में बदलाव के संकेत

गृहमंत्री ने दिए नागरिकता कानून में बदलाव के संकेत

गिरिडीह/ बाघमारा/ देवघर (एजेंसी)। नागरिकता संशोधन कानून पर सियासी बवाल और इसको लेकर पूर्वोत्तर के कुछ सीएम की अपील के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसमें कुछ बदलाव के संकेत दिए हैं। झारखंड के गिरिडीह में चुनावी रैली के दौरान शाह ने कहा कि मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने मुझसे (कानून में) कुछ बदलाव करने को कहा है। मैंने उन्हें (संगमा) क्रिसमस के बाद मिलने के लिए कहा है। हम मेघालय के वास्ते रचनात्मक तरीके से समाधान ढूंढने के लिए सोच सकते हैं। किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
इससे पहले असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि राज्य के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह समर्पित हैं। शाह का नागरिकता कानून पर यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ (6 राज्य) पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वे अपने राज्यों में नागरिकता कानून को नहीं लागू करेंगे।
कांग्रेस पर खूब बरसे अमित शाह
इधर, गिरिडीह, बाघमारा और देवघर विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी जनसभाओं में अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस पर नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप भी लगाया। शाह ने कहा, हम नागरिकता संशोधन अधिनियम लेकर आए हैं और कांग्रेस को पेट दर्द होने लगा है। वह उसके खिलाफ हिंसा भड़का रही है। शाह ने पूर्वोत्तर के लोगों को आश्वासन दिया कि इस अधिनियम से उनकी संस्कृति, भाषा, सामाजिक पहचान और राजनीतिक अधिकार प्रभावित नहीं होंगे।
‘राहुल गांधी बस शोर मचा रहे हैंÓ
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, मैं असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनकी संस्कृति, सामाजिक पहचान, भाषा, राजनीतिक अधिकारों को नहीं छुआ जाएगा। नरेंद्र मोदी सरकार उनकी रक्षा करेगी।असम के मुख्यमंत्री यह बोले
उधर, नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ असम में हालात तनावपूर्ण हैं। संसद में बिल के आने के बाद से ही पूर्वोत्तर समेत असम के अलग-अलग इलाकों में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। इस बीच असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत का कहना है कि राज्य में फिलहाल हालात काबू में हैं और उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाएगा। गुवाहाटी में लगातार दूसरे दिन कफ्र्यू में ढील देने के बाद लोग जरूरी कामकाज के लिए बाहर निकल रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि राज्य के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह समर्पित हैं।कांग्रेस देश में दंगे कराने का प्रयास कर रही : भाजपानयी दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों पर नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर मुसलमानों को बरगलाने एवं देश में दंगे के प्रयास का रविवार को आरोप लगाया ।
भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर कांग्रेस हिन्दू और मुसलमानों के बीच दंगे कराने का प्रयास कर रही है। इस मुद्दे पर मुसलमानों में भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है और देश में आग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी समझ गयी है कि विकास को लेकर वह जनता के दरबार में नहीं टिक सकती और न ही चुनाव जीत सकती है, जिसके कारण बौखलाहट में वह लोगों को भड़का रही है।
उन्होंने कहा, ”पश्चिम बंगाल और असम में रेलगाडिय़ों में कौन आग लगा रहा हैं उन्हें हम पहचानते हैं। किसके कहने पर ऐसे गैरजिम्मेदाराना कार्य किये जा रहे हैं उन्हें हम जानते हैंं।ÓÓ
पात्रा ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाये जाने, राम मंदिर निर्माण पर न्यायालय के आये फैसले, तीन तलाक निरोधक कानून और अब नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर कांग्रेस बौखला गयी है।विपक्षी पार्टियों के खिलाफ 6 राज्यों में भाजपा खोलेगी मोर्चा, होगा प्रदर्शन
नई दिल्ली (एजेंसी)। नागरिकता कानून पर देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच अब भाजपा ने विपक्षी पार्टियों के खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने 6 राज्यों के भाजपा चीफ को निर्देश दिया है कि वे नागरिकता कानून पर ‘अफवाहÓ फैलाने वाली पार्टियों के खिलाफ प्रदर्शन करें। इन सभी राज्यों में भाजपा सत्ता में नहीं है।
नड्डा ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, केरल और पंजाब के भाजपा चीफ से कहा है कि वे कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों के खिलाफ (शेष पेज 8 पर)नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली में हिंसा, 3 बसें फूंकी
नयी दिल्ली (एजेंसी)। जामिया प्रशासन की ओर से विश्वविद्यालय में शीतकालीन अवकाश घोषित करने के बावजूद नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) के खिलाफ रविवार को भी छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर और आस-पास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन किया जिसने ङ्क्षहसक रूप ले लिया। छात्रों और पुलिस के बीच ङ्क्षहसक झड़पें होने की रिपोर्टें आईं हैं।
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार पुलिस जामिया परिसर में घुसकर छात्रों के साथ मारपीट कर रही है। पुलिस ने बड़ी संख्या में छात्रों को हिरासत में भी लिया है। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लगातार आंसू गैस के गोले छोड़ रही है। विश्वविद्यालय परिसर और उसके आस-पास के इलाकों में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। पुलिस ने पत्रकारों को जामिया परिसर के प्रमुख गेट से दूर रखा है।
प्रदर्शनकारियों ने तीन बसों को आग के हवाले कर दिया जबकि चार बसों में तोडफ़ोड़ की। घटनास्थल पर दिल्ली पुलिस के साथ अद्र्धसैनिक बलों के जवानों को भी तैनात किया गया है। जामिया मेट्रो स्टेशन के आगे हजारों की भीड़ जमा है। मेट्रो सेवा रोक दी गई है। मजेंटा लाइन की सेवा कालका मंदिर से (शेष पेज 8 पर)प. बंगाल में हिंसक विरोध तेज
वहीं, पश्चिम बंगाल में हिंसक विरोध तेज होता जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपील के बावजूद आगजनी और हिंसा की घटनाएं थमी नहीं है। हिंसक प्रदर्शनों की आंच से राज्य के चार जिले बुरी तरह प्रभावित हैं। विरोध कर रहे लोगों के निशाने पर बसें, ट्रेन, पुलिस की गाडिय़ां और रेलवे स्टेशन हैं। कई जगह पुलिस से हिंसक झड़प की भी खबर है। हिंसक प्रदर्शनों की वजह से लंबी दूरी की 28 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*