Friday , 26 May 2017
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कोई भी मंत्री या अधिकारी नहीं लगाएगा लाल बत्ती

नई दिल्ली। वीवीआईपी कल्चर को लेकर केंद्र की मोदी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। 1 मई से केंद्रीय मंत्री और अधिकारी लाल बत्ती नहीं लगा सकेंगे। 1 मई को मजदूर दिवस है, इसलिए सरकार यह संदेश देना चाहती है कि उसके मंत्री वीवीआईपी कल्चर से दूर रहेंगे। कैबिनेट के निर्णय के बाद केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने अपनी कार से तुरंत ही लाल बत्ती हटा ली है। इस बारें में जानकारी देते हुए केंद्रीय वित्त और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि लाल बत्ती देने के नियम को खत्म किया गया है, अब देश में कोई लालबत्ती का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि कुछ आपात सेवाओं के लिए नीली बत्ती का इस्तेमाल होगा। पुलिस, एंबुलेस और फायर ब्रिगेड को नियम से छूट दी गयी है। मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला: राजस्थान में भी नहीं होगी मंत्रियों और अफसरों के वाहनों पर लाल बत्तीजयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार में लिए गए मंत्रियों और अधिकारियों के वाहनों से लाल बत्ती हटाने के फैसले का स्वागत किया है और राजस्थान प्रदेश में भी इस निर्णय को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। उन्होंने इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए हैं कि सभी मंत्री और अधिकारी अपने वाहनों से तुरंत प्रभाव के साथ लाल बत्ती हटा लें। श्रीमती वसुन्धरा राजे तो जब से सीएम बनी हैं लाल बत्ती लगे वाहन का इस्तेमाल नहीं कर रही। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनके लिए राजस्थान सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई लाल बत्ती की कार का उन्होंने उपयोग नहीं किया और उसे उसी दिन वापस लौटा दिया। वे तब से ही बिना लाल बत्ती की अपनी निजी कार में यात्रा करती हैं सीएम ने यह भी फैसला लिया था कि वे मुख्यमंत्री के लिए निर्धारित बड़े आवास के स्थान पर पहले से आवंटित छोटे सरकारी मकान में ही रहेंगी। उन्होंने पहले दिन से ही ट्रेफिक सिंग्नल पर आम आदमी की
तरह रूकने का भी फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने अपनी सुरक्षा बेड़े में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या भी आधी कर दी। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर मंत्रिमण्डल के सदस्यों को एसकोर्ट सुविधा नहीं देने का भी निर्णय लिया गया। श्रीमती राजे ने केन्द्र सरकार के इस फैसले की जानकारी मिलते ही यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिचायक है और यह ‘पीपुल्स फ्रेण्डलीÓ सरकार के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। इससे वीआईपी संस्कृति खत्म होगी और आमजन का सरकार से लगाव बढ़ेगा।
वीआईपी कल्चर खत्म करने के फैसले पर तुरंत अमल, गडकरी ने हटाई लाल बत्ती
नई दिल्ली। कैबिनेट की आज की बैठक में वीआईपी कल्चर पर करारा वार करते हुए केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों के लाल बत्ती लगाने पर रोक लगा दी। वैसे तो यह फैसला एक मई से लागू होना था। लेकिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से एक कदम आगे बढ़कर इसे आज से अपने पर लागू कर दिया गया। उन्होंने बिना देरी करते हुए कैबिनेट के फैसले के ऐलान के तुरंत बाद अपनी गाड़ी से लाल बत्ती उतार दी। इस मामले पर उन्होंने कहा कि केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए बत्ती का चलन रहेगा अन्यथा नहीं, यहां तक मैंने भी अपनी कार से लाल बत्ती को हटा दिया है। कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय वित्त
और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि देश में लालबत्ती लगाने के वीवीआईपी कल्चर को खत्म कर दिया गया है। अब देश में कोई भी केंद्रीय मंत्री लालबत्ती का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। हालांकि ये नियम राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा स्पीकर और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर ये नियम लागू नहीं होता है। हालांकि कुछ आपात सेवाओं के लिए नीली बत्ती का इस्तेमाल जारी रहेगा। इसमें पुलिस, एंबुलेस और फायर ब्रिगेड जैसी सेवाओं को शामिल किया गया है।

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