Saturday , 27 May 2017
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कृषि भूमि पर बनी कॉलोनियां नियमित होंगी

जयपुर। सरकार ने प्रदेश में तृतीय राजस्व लोक अभियान मुख्यमंत्री शहरी जन कल्याण शिविर के साथ ही स्मार्ट विलेज योजना चलाने की रूपरेखा तय, कृषि भूमि पर बनी आवासीय कॉलोनियों के नियमन करने सहित कई फैसले लिये है।
पंचायत राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में बुधवार को यहां आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसले लिए गये। राठौड़ ने बताया कि अभियानों के माध्यम से कृषि भूमि पर बनी आवासीय कॅालोनियों के नियमन करने, अनुसूचित जाति एवं जन जाति के लोगों के 1996 के कब्जे को एक रूपये में पट्टे जारी करने, खांचा भूमि की आवंटन सीमा 100 वर्ग गज से बढ़ाकर 150 वर्ग गज तक बढ़ाने संबंधी निर्णय लिये गये।
उन्होंने बताया कि बैठक में गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने के लिये इससे जुड़े विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गयी। इसके तहत स्मार्ट विलेज में शुद्ध पेयजल, उचित जल निकासी और अच्छी सड़कों के साथ नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट विलेज योजना के तहत वर्ष 2017-18 में 3169 गांवों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्मार्ट विलेज में एक स्वराज मार्ग विकसित किया जायेगा।
राठौड़ ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में तृतीय राजस्व लोक अभियान 8 से 30 मई तक चलाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री शहरी जन कल्याण अभियान भी प्रदेश में 10 जून से 10 जुलाई तक चलाने का निर्णय लिया गया है जिसमें भू नियमन, आवासीय कॉलोनियों के नियमन के लिये सबसे बड़ा अभियान चलाया जायेगा। इसके तहत कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों का नियमन स्टेट ग्रांट के पट्टे देने, 1999 से पूर्व बसी कच्ची बस्ती और कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों का नियमन किया जायेगा। इसके तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति के 1996 तक के कब्जों पर एक रूपये में पट्टे दिये जायेगें। इसके साथ ही पूर्व नीलामी या आवंटन के भूखंडों को नियमन करने का निर्णय लिया गया है।
राठौड़ ने बताया कि इसी तरह सीलिंग अधिनियम में भी सुधार किया जायेगा। इसके तहत 2009 तक बसी बस्तियों को नियमित किया जायेगा और नियमन के लिए जयपुर में 1500 रूपये वर्गगज या डीएलसी दर जो भी कम हो ली जायेगी।

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