Tuesday , 30 May 2017
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उदयपुर सहित 5 शहरों में रोज तय होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम

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नई दिल्ली। केन्द्र सरकार की नई तैयारी के चलते 1 मई से देश के 5 शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत प्रतिदिन निर्धारित की जाएंगी। मौजूदा समय में पेट्रोल और डीजल की कीमत 15 दिन के अंतराल पर निर्धारित की जाती है।
केन्द्र सरकार की योजना के मुताबिक पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत ”डेली डायनमिक प्राइसिंगÓÓ के आधार पर की जानी है। न्यूज एजेंसी राइटर के मुताबिक 1 मई से पुडुचेरी, वाइजैग, उदयपुर, जमशेदपुर और चंडीगढ़ में अब पेट्रोल और डीजल की कीमत प्रतिदिन सुबह निर्धारित की जाएगी।इन शहरों में यह योजना एक पायलेट प्रोजेक्ट के तहत लागू की जा रही है। इन शहरों में इसकी सफलता के बाद इस योजना को पूरे देश में प्रभावी करने का फैसला किया जाएगा। गौरतलब है कि अभी तक देश में सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार और क्रूड ऑयल मार्केट में उतार-चढ़ाव को आधार मानते हुए प्रति 15 दिन में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें निर्धारित करती हैं।
भारत में सरकारी तेल कंपनियां- इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम पेट्रोल और डीजल रीटेल का 90 फीसदी कारोबार करती हैं। इन पांच शहरों में इन कंपनियों का लगभग 200 पेट्रोल-डीजल पंप है जो प्रतिदिन सुबह नई निर्धारित कीमत के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की बिक्री करेंगी। पूरे देश में इस योजना को लागू करने के लिए तेल कंपनियों ने इन पांच शहरों का चुनाव किया है जिससे प्रतिदिन नई कीमत पर पेट्रोल-डीजल बेचने में आने वाली व्यवहारिक दिक्कतों को समझा जा सके और पूरे देश में योजना को लागू करने से पहले ऐसी दिक्कतों को दूर किया जा सके।कीमतों में बदलाव का अब तक रूटीन क्या था ?
अभी तक देश में सरकारी तेल कंपनियां हर पखवाड़े कीमतों पर फैसला लेती थीं। हर महीने की 1 और 16 तारीख को अंतरराष्ट्रीय बाजार में फ्यूल की कीमत और करंसी एक्सचेंज रेट के मुताबिक यहां दाम घटाए या बढ़ाए जाते थे।
क्या हर दिन कीमत में बदलाव तकनीकी रूप से संभव है ?
हां यह संभव है। अधिकतर पंप ओटोमेटेड हैं। डिजिटल तकनीक से जुड़े होने की वजह से कंपनियां देशभर में स्थित करीब 53,000 फिलिंग स्टेशन तक नई दरों की जानकारी तुरंत पहुंचा सकती हैं।
क्या कीमतों को लेकर चिंता करने की जरूरत है ?
वास्तव में ऐसा नहीं है। हर दिन बदलाव का मतलब यह नहीं है कि कीमतें तेजी से ऊपर नीचे होंगी। हर दिन कीमत में महज कुछ पैसों का अंतर होगा, जिससे कंज्यूमर को झटका नहीं लगेगा।
ऐसा क्यों किया जा रहा है ?
सत्ताधारी पार्टी को नुकसान की आशंका की वजह से चुनाव के दौरान कीमतों को बढऩे से रोक लिया जाता है। इस नुकसान की पूर्ति के लिए सरकार कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के बावजूद कीमतें ऊंची रखने की छूट देती है। कहा जा रहा है कि हर दिन कीमतों में बदलाव वाली योजना लागू होने से कंपनियां बिना राजनीतिक दबाव के कीमतों पर फैसला कर सकेंगी।

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