Sunday , 20 October 2019
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इंग्लैंड-न्यूजीलैंड बनने चाहिये थे संयुक्त विजेता

क्रिकेट के दिग्गजों को आईसीसी के नियम से एतराज
क्रूर फैसला : ‘छली’ गई टीम : न्यूजीलैंड मीडिया
नई दिल्ली (एजेंसी)।
विश्वकप फाइनल में सुपर ओवर भी टाई हो जाने के बाद सर्वाधिक बाउंड्री के आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित करने पर पूर्व क्रिकेटरों ने आईसीसी के इस नियम को काफी क्रूर बताया और कई खिलाडिय़ों ने कहा कि दोनों टीमों को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया जाना चाहिये था। इंग्लैंड द्वारा पहली बार क्रिकेट विश्व कप का खिताब जीतने के बाद मेजबान टीम का जोश हाई है लेकिन फाइनल के रिजल्ट के बाद न्यूजीलैंड की मीडिया समेत क्रिकेट के कई दिग्गज चौकों-छक्के के आधार पर मेजबान टीम की जीत की आलोचना कर रहे हैं। न्यूजीलैंड की मीडिया में इसे अपनी टीम के साथ ‘छलÓ बताया है। कई पूर्व खिलाडिय़ों ने भी आईसीसी के नियम को ‘हास्यास्पदÓ करार दिया है। न्यूजीलैंड ने अपनी पारी में 16 बाउंड्री लगायी थी जबकि इंग्लैंड ने 24 बाउंड्री लगायी थीं। इंग्लैंड इस आधार पर विजेता बन गया है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेङ्क्षमग ने इस पर मात्र एक शब्द में अपनी प्रतिक्रिया दी..”क्रूरÓÓ। ’22 नायकों के साथ क्रिकेट विश्व कप का फाइनल और कोई विजेता नहींÓ, न्यूजीलैंड के एक अखबार में सोमवार को छपा शीर्षक पूरी कहानी बयां करता है और यहां मीडिया का मानना है कि आईसीसी के अटपटे नियम के कारण उनकी टीम ‘छलीÓ गई है। रविवार को लॉडर्स के मैदान पर बेहद रोमांचक फाइनल में निर्धारित ओवरों और सुपर ओवर में स्कोर बराबर रहने के बाद चौकों, छक्कों की संख्या के आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया।
स्टफ डॉट कॉम न्यूजीलैंड ने लिखा, क्रिकेट विश्व कप फाइनल: चौकों, छक्कों की गिनती ने न्यूजीलैंड को जीत से महरूम किया । ‘न्यूजीलैंड हेराल्डÓ ने लिखा, क्रिकेट विश्व कप फाइनल : 22 नायक और कोई विजेता नहीं। एक अन्य कालम में लिखा, ओवर थ्रो के लिये इंग्लैंड को छह नहीं, पांच रन मिलने चाहिए थे।
भारतीय टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भी कहा कि न्यूजीलैंड के लिये यह हार दुर्भाग्यपूर्ण रही। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इस मुकाबले में कोई भी टीम नहीं हारी। दोनों को विजेता ट्रॉफी दी जानी चाहिये थी। आईसीसी को अपने इस नियम के बारे में फिर से सोचना चाहिये। ऐसा पहली बार हुआ था इसलिये कोई इस बारे में सोच नहीं पाया।
फाइनल में ‘मैन ऑफ द मैचÓ बने बेन स्टोक्स के पिता गेरार्ड स्टोक्स का भी मानना है कि विजेता ट्रॉफी को दोनों टीमों में बांटा जाना चाहिये था। गेरार्ड न्यूजीलैंड के पूर्व रग्बी इंटरनेशनल खिलाड़ी हैं और उन्होंने फाइनल में अपने बेटे के प्रदर्शन पर खुशी जताई। बेन स्टोक्स का जन्म क्राइस्टचर्च में हुआ था और वह 12 साल की उम्र तक न्यूजीलैंड में रहे थे जिसके बाद उनका परिवार इंग्लैंड चला गया था जहां गेरार्ड को रग्बी की कोङ्क्षचग का काम मिला था।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने भी इस नियम पर सवाल उठाते हुये कहा, मुझे समझ नहीं आता कि इतने बड़े टूर्नामेंट के फाइनल का फैसला इस आधार पर हो सकता है कि किसने अधिक बाउंड्री मारी। हास्यास्पद नियम..इसे टाई मान दोनों को विजेता घोषित करना चाहिये था। मैं दोनों टीमों को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने इतना जबरदस्त फाइनल खेला। मेरे लिये दोनों विजेता हैं।
क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर ने कहा, जबरदस्त मुकाबला। पहली से लेकर 612वीं गेंद तक। मुझे न्यूजीलैंड के लिये दुख हो रहा है जिसने जीतने के लिये इंग्लैंड की तरह सबकुछ किया लेकिन अंत में चूक गये।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने कहा, न्यूजीलैंड ने जबरदस्त मुकाबला किया लेकिन ओवर थ्रो पर स्टोक्स के बल्ले का डिफ्लेक्शन और इंग्लैंड को बाउंड्री मिलना मैच का टर्निंग प्वांइट था। न्यूजीलैंड के लिये दुखद कि इतना नजदीक पहुंचकर भी वे खिताब से दूर रहे। लेकिन उन्हें खुद पर गर्व होना चाहिये।
न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर स्कॉट स्टाइरिस ने इस नियम को एक मजाक बताया। इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर माइकल वॉन ने फाइनल की सराहना करते हुये कहा कि कोई भी टीम हारना नहीं चाहती थी।
युवराज बोले-नियम तो नियम है : विश्व कप 2011 के प्लेयर आफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह ने लिखा, मैं नियम से सहमत नहीं हूं लेकिन नियम तो नियम है। इंग्लैंड को आखिरकार विश्व कप जीतने पर बधाई। मैं न्यूजीलैंड के लिए दुखी हूं, जो अंत तक जूझ रही थी। शानदार फाइनल। न्यूजीलैंड के पूर्व हरफनमौला डियोन नैश ने कहा, मुझे लग रहा है कि हमारे साथ छल हुआ है। यह बकवास है। सिक्के की उछाल की तरह फैसला नहीं हो सकता। नियम हालांकि पहले से बने हुए हैं तो शिकायत का कोई फायदा नहीं।

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